रादौर (यमुनानगर)। क्षेत्र के गांव खेड़ी लक्खा सिंह में वीरवार सुबह आठ बजे जिम के बाहर हुई फायरिंग में घायल तीसरे युवक अर्जुन की रविवार को पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई है। उधर, पुलिस गैंगवार का नेटवर्क खंगालने में जुटी हुई है। 12 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की है। जिससे कुछ तथ्य उनके साथ लगे हैं।
जानकारी के अनुसार यमुनानगर में रादौर क्षेत्र के गांव खेड़ी लक्खा सिंह में वीरवार सुबह आठ बजे जिम के बाहर गैंगवार को लेकर फायरिंग हुई थी। शूटरों ने करीब डेढ़ मिनट में 80 से अधिक राउंड फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। फायरिंग में दो युवक यूपी के बड़ौत निवासी पंकज मलिक और गोलनी निवासी वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि, उन्हेड़ी निवासी अर्जुन को 9 गोलियां लगीं थीं। आठ गोली उसके शरीर से निकाल ली गई थी। जबकि, एक गोली फंसी हुई थी। उसे निकालने के लिए उसका ऑपरेशन होना था। इससे पहले ही रविवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस गैंगवार में अब तक तीन युवकों की मौत हो चुकी है। अर्जुन की मौत के बाद पुलिस ने चौकी इंचार्ज शमशेर सिंह को शव लेने के लिए पीजीआई भेजा गया है।
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गांव में पसरा मातम, परिवार में कोहराम
मृतक अर्जुन राणा के परिवार में बड़ी बहन मीनू, छोटा भाई राजीव, अमनदीप व नेहा रानी है। उसके पिता नेत्रपाल की लगभग 17 वर्ष पहले मौत हो गई थी। परिवार में उसकी माता सरिता रानी व दादी राममूर्ति देवी है। अर्जुन की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पडा है। अर्जुन अविवाहित था। उधर, गांव में भी मातम पसरा हुआ है।