इस सीजन में दूसरी बार हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। मंगलवार को एक्यूआई का स्तर 332 क्यूबिक प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। जो खतरनाक श्रेणी में आता है। वहीं पीएम 2.5 का न्यूनतम स्तर 260 और अधिकतम स्तर 367 दर्ज किया गया। वहीं पीएम 10 का एक्यूआई 273, न्यूनतम 134 और अधिकतम स्तर 405 क्यूबिक प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह नॉर्मल से चार गुणा ज्यादा है। मौसम विभाग का कहना है कि 14 नवंबर से ठंडी हवाओं के चलने से ही प्रदूषण लेवल में कमी आएगी।
दो दिन छाएं रहेंगे बादल, बारिश नहीं
मौसम विभाग चंडीगढ़ के मुताबिक, जम्मू कश्मीर व निकटवर्ती उत्तरी पाकिस्तान की चक्रवाती हवाओं से आसमान पर दो दिनों तक हलके बादल छाए रहेंगे, लेकिन इस बीच बारिश होने की संभावना नहीं है। हालांकि कम धूप निकलने की वजह से ठंडक बढ़ेगी। जिससे तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इससे मिक्सिंग हाइट नीचे आएगी। जबकि धरती पर चलने वाली हवाओं की चाल धीमी रहेगी। फिलहाल मिक्सिंग हाइट नीचे व हवा की चाल धीमी होने का असर प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी के तौर पर रहेगा।
प्रदूषण गंभीर बनाने वाले कारक
-बारिश का नहीं होना।
-सतह की हवाओं की 8 किमी प्रति घंटे धीमी गति।
-उत्तरी पश्चिमी दिशा की हवा।
-बुधवार को हवा 6-8 किमी प्रति घंटा रहने का पूर्वानुमान।
-तापमान में गिरावट, ठंड बढ़ी
-मौसम के साफ रहने से ठंड में भी इजाफा होने शुरू हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर में होने वाली बर्फबारी का असर यहां भी दिखेगा। ठंडी हवाओं की वजह से तापमान में कमी होगी।
मंगलवार को आसमान पूरी तरह से साफ रहा। अधिकतम तापमान 25 डिग्री रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक पहुंच गया है। सुबह की आर्द्रता 74 फीसदी तो शाम की आर्द्रता 63 फीसदी रिकॉर्ड में ली गई है। अगले 24 घंटे बादल छाएं रहेंगे और अधिकतम व न्यूनतम पारे में दो डिग्री की कमी हो सकती है।