संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी मेटल इंडस्ट्री से जुड़े उद्योगपतियों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुख्यमंत्री निवास संत कबीर कुटिया चंडीगढ़ में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उद्योगपतियों ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से संबंधित एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) में हो रही देरी सहित अन्य औद्योगिक समस्याओं को विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
उद्योगपतियों ने कहा कि मैटल उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन एनओसी जैसी प्रक्रियाओं में देरी के कारण उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि विभागीय स्तर पर समय पर स्वीकृति न मिलने से उद्योगों का संचालन प्रभावित होता है। कई मामलों में इसका खामियाजा उद्यमियों को विभागीय कार्रवाई के रूप में भी भुगतना पड़ता है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल कारोबारी मनोज गुप्ता, एपीएस भट्टी, अरुण मित्तल, कपिल गुप्ता, हंसराज बत्रा, प्रशांत गर्ग, भारत गर्ग, डॉ. अश्वनी गोयल, पवन सोनी ने एक स्वर में एनओसी प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध करने की मांग उठाई, ताकि उद्योगों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने भी उद्योगपतियों की समस्याओं को विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि जगाधरी क्षेत्र का मेटल उद्योग न केवल हरियाणा बल्कि देश की औद्योगिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उद्योग और व्यापार के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को बाधित करने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सरकार स्तर पर जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।