यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में चल रहे सरकारी ब्लड बैंक में जल्द ही एफेरेसिस मशीन आएगी। इस मशीन के आने से डेंगू रोगियों को बहुत राहत मिलेगी। इसकी मदद से डेंगू रोगियों को न केवल पर्याप्त प्लेटलेट्स मिल सकेंगे बल्कि जल्दी भी मिलेंगे। कई अन्य जिलों में यह मशीन आ चुकी है। माना जा रहा है मानसून सीजन तक जिले को भी यह मशीन मिल सकती है। इस मशीन की कीमत 55 से 65 लाख रुपये तक बताई जा रही है।
बता दें कि अभी जिला ब्लड बैंक में दो कंपोनेंट सेपरेटर मशीन है, जो डोनर का ब्लड निकालने के बाद उसमें से प्लेटलेट्स निकाल कर उसे अलग करती हैं। इसमें वक्त अधिक लगता है। डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने पर प्लेटलेट्स की मांग बढ़ती है तो सेपरेटर मशीन के सहारे काम में दिक्कत आती है। इसलिए नई तकनीक वाली एफेरेसिस मशीन की डिमांड काफी समय पहले की गई थी।
खून से सीधे निकाला जा सकेगा प्लेटलेट्स व प्लाज्मा :
अभी तक प्लेटलेट्स व प्लाज्मा निकालने के लिए पहले रक्तदाता के शरीर से रक्त निकाला जाता है। उसके बाद ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन से प्लेटलेट्स व प्लाज्मा को अलग किया जाता है।
प्लेटलेट्स निकालने की प्रक्रिया फ्रेश रक्त लेने के छह घंटे के भीतर पूरी करनी होती है। इसी समय में मशीन को चालू करना, रक्त के सैंपल समेत अन्य कार्य करने होते हैं। अब एफेरेसिस मशीन के जरिए शरीर से जरूरी मात्रा में प्लेटलेट्स व प्लाज्मा निकाला जा सकता है। डोनर को ड्रिप लगाने के साथ मशीन के सेंट्रीफ्यूज से जोड़ा जाता है, जो शरीर से रक्त को खींचती है तथा आवश्यक तत्वों को लेकर फिर से रक्त शरीर में डाल देती है। जिससे बिना खून निकाले ही मरीज के शरीर से प्लेटलेट्स और प्लाज्मा निकाला जा सकता है।
डेंगू में बढ़ जाती है प्लेटलेट्स की मांग :
हर साल डेंगू के सैकड़ों केस मिलते हैं। वर्ष 2021 से इस साल में अब तक डेंगू के 2099 मरीज मिल चुके हैं। डेंगू में काफी मरीज ऐसे होते हैं जिनके शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटती है। यदि प्लेटलेट्स की संख्या न बढ़े तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
इसलिए जिला ब्लड बैंक में हर साल प्लेटलेट्स की डिमांड बहुत ज्यादा रहती है। कई बार तो एक ही दिन में 10 से 15 बोतल तक की डिमांड आ जाती है। निजी अस्पताल में फ्रेश प्लेटलेट्स के लिए करीब 11 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में एफेरेसिस मशीन के आने से मरीजों को काफी फायदा होगा।
जल्द आ जाएगी मशीन : निशा गुरावा
राजकीय ब्लड बैंक की इंचार्ज डॉ. निशा गुरावा ने बताया कि एफेरेसिस मशीन की डिमांड काफी समय पहले की गई थी। जल्द ही इसके आने की संभावना है। इसके आने से मरीजों को प्लेटलेट्स जल्दी मिलेंगे। क्योंकि यह मशीन शरीर से बिना रक्त निकाले सीधे प्लेटलेट्स या प्लाजमा ही निकालती है।
यमुनानगर में पिछले कुछ सालों में मिले डेंगू के केस :
वर्ष डेंगू मरीज
2019 51
2020 36
2021 241
2022 932
2023 734
2024 190
2025 02 अब तक।