संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशविंदर पॉल की अदालत ने सांप की तस्करी और नकली दवाइयों के नाम पर ठगी के आरोपी मुर्सलिन उर्फ लाला उर्फ एमके की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
आरोप है कि जून-2024 में तहसील में टाइपिस्ट का काम करने वाले दर्पण ने शिकायतकर्ता अशोक भाटिया, निवासी आदर्श कॉलोनी से संपर्क करमिलने की बात कही, जिसपर शिकायतकर्ता ने उसे अपने घर बुला लिया। दर्पण के साथ हरप्रीत उर्फ हैरी भी आया तथा पीड़ित अशोक भाटिया को अपने जाल में फंसा लिया व पीड़ित से 35 लाख रुपए व्यापार का झांसा देकर ले लिए। आरोपियों ने मुर्सलिन के साथ मिलकर अशोक भाटिया से दो चैक भी ले लिए और बताया कि कुल माल 3.45 करोड़ रुपये का है व इसका इस्तेमाल कैंसर की दवाई बनाने में होता है व माल की डिलीवरी हिमाचल प्रदेश में होनी थी जहां उन्हें एक सांप दे दिया जो बाद में फ्रॉड साबित हुआ।
इस प्रकार दोषी दर्पण, हरप्रीत व मुर्सलीन ने शिकायतकर्ता के साथ ठगी की जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता ने चार जनवरी 2025 को आरोपी दर्पण, हरप्रीत व मुर्सलिन के खिलाफ थाना गांधीनगर में दर्ज कराई। अदालत ने कहा कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड उसके खिलाफ जाता है, इसलिए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।