संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। हरियाणा पशुपालन विभाग संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने रविवार को जिला प्रधान गुरजीत सिंह की अगुवाई में कृषि मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के न मिलने पर उनके बेटे नेपाल राणा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
ज्ञापन में न्यायालय के आदेशानुसार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, नई भर्ती करने, जॉब चार्ट में संशोधन और वर्ष 2020 में हुए समझौते को लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा पद के विरुद्ध ड्यूटी लेने पर रोक, स्वीपर-कम-चौकीदार के रिक्त पदों पर भर्ती, निजीकरण रोकने, अस्पतालों में फिनाइल, पट्टी और दवाएं उपलब्ध कराने व जोखिम भत्ता लागू करने के लिए भी मांग उठाई गई।
कर्मचारियों ने उत्पीड़न के मामलों की विभाग से बाहर निष्पक्ष जांच, वीएलडीए एडमिशन कोटा छह से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने, वीएलडीए पदोन्नति कोटा 30 प्रतिशत करने और कर्मचारियों से पद के अनुसार ड्यूटी लेने की मांग की। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से एसआईआर, बीएलओ, पराली और जनगणना जैसी कार्यक्षेत्र से बाहर की ड्यूटी नहीं लेने की भी मांग रखी गई।
जिला प्रधान गुरजीत सिंह ने कहा कि विभाग में 950 से अधिक पशुधन एंट्री ऑपरेटर के तकनीकी पद सृजित कर उन्हें 100 प्रतिशत पशु परिचर पदोन्नति कोटे से भरा जाए। उन्होंने कहा कि यदि स्वीपर-कम-चौकीदार भर्ती, जॉब चार्ट संशोधन, वीएलडीए सीटों में बढ़ोतरी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को फसल अवशेष प्रबंधन, एसआईआर व जनगणना ड्यूटी से हटाने संबंधी पत्र जारी नहीं किए गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान पूर्व राज्य प्रधान किशन लाल सागर, जिला उपप्रधान संदीप, सहसचिव अंकुर बंसल, रवि सिंह, बलकार सिंह, कमल, कृष्ण, अजय, मंजीत, नक्षत्र सिंह मौजूद रहे।
कृषि मंत्री के बेटे को ज्ञापन सौंपते कर्मचारी। प्रवक्ता