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Yamuna Nagar News: पेयजल संकट से नाराजा लोगों ने लगाया जाम

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बाडीमाजरा-पांसरा मार्ग पक सूखे पत्तों में आग लगाकर नारेबाजी करते लोग। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। पेयजल संकट से दुखी बाड़ी माजरा की तीन कॉलोनियों लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। लोगों ने कोहरे व सर्दी के बीच रोष प्रदर्शन का अनोखा तरीका अपनाया। पहले आसपास से सूखे पत्ते इकट्ठे किए फिर उन्हें बाड़ीमाजरा-पांसरा मार्ग पर रखकर आग लगा दी। इस तरह अलाव सेंकते हुए दर्जनों महिलाओं सहित निवासी दो घंटे तक रोड पर डटे रहे और जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग व ट्यूबवेल ऑपरेटर के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
इससे करीब दो घंटे रोड के दोनों ओर वाहन चालक जाम में फंसे रहे। बाद में थाना सदर यमुनानगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और यातायात सुचारू करवाया। प्रदर्शनकारी कमलेश, रेखा, सरोज, राजेश, मनीष, विपिन ने बताया कि बाड़ी माजरा के तीर्थनगर, राजेश विहार व शम्भू कॉलोनी के करीब 350 घरों में तीन माह से पेयजल की दिक्कत है। ट्यूबवेल की मोटर बार-बार खराब हो रही है, जिसे ठीक होने में कई-कई दिन तक पेयजल आपूर्ति बंद रहती है।
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पांच दिन से 350 घरों में पेयजल आपूर्ति बंद होने पर मजबूर होकर लोग सोमवार सुबह ट्यूबवेल पर पहुंचे। आरोप है कि ट्यूबवेल ऑपरेटर ने गलत व्यवहार किया। इस पर गुस्से में करीब साढ़े दस बजे निवासियों को रोड जाम करना पड़ा। दो घंटे बाद मौके पर थाना सदर यमुनानगर पुलिस पहुंची। पुलिस की ओर से मामले की शिकायत जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग को देने के लिए कहा गया।
इसके बाद लोगों की ओर से एक्सईएन के नाम शिकायत दी गई। इसमें ट्यूबवेल ऑपरेटर पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया और उसे बदलने की मांग रखी।जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन सुमित गर्ग का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में संबंधित अफसरों को निर्देश दे दिए हैं। पेयजल आपूर्ति की दिक्कत को जल्द से जल्द दूर कर दिया जाएगा।
ऑपरेटर के कारण खराब हो रही मोटर
रीना ने कहा कि ट्यूबवेल की मोटर बार-बार खराब हो रही है, क्योंकि ट्यूबवेल ऑपरेटर ऑटोमेटिक मोड पर ट्यूबवेल चलाता है। जिसमें बिजली आपूर्ति के फेज कम होने पर मोटर खराब होती है। इसलिए ऑपरेटर बदल कर पास के किसी व्यक्ति को यह जिम्मा दिया जाए।
शोरा युक्त पानी से चलाना पड़ता काम
ममता ने कहा कि ट्यूबवेल की मोटर बार-बार खराब होने पर उसे ठीक होने में कई दिन लगते हैं। इससे क्षेत्र की तीन कॉलोनियों के करीब 350 घरों में पेयजल आपूर्ति बंद रहती है। इसमें अधिकतर लोग हैंडपंपों के शोरा युक्त पानी से काम चलाते हैं, जिससे बीमार होने का भय है।
घरेलू कामकाज हो रहे प्रभावित
संदीप ने कहा कि कई-कई दिन घरों पर पेयजल आपूर्ति न होने से कपड़े-बर्तन धोने से लेकर अन्य कामकाज प्रभावित होते हैं। आसपास से पानी लाने में पूरा दिन निकल जाता है और पढ़ाई करने जाने वाले बच्चे व नौकरीपेशा लोगों को भी घरों से निकलने में देरी होती है।
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दूसरे ट्यूबवेल से नहीं जोड़ी सप्लाई
संयोगिता ने कहा कि सरकारी स्कूल के पास नया ट्यूबवेल लगा, पर उससे पुराने ट्यूबवेल की सप्लाई नहीं जोड़ी। ऐसा हो तो दोनों ट्यूबवेल इंटरकनेक्टेड होने पर एक ट्यूबवेल खराब होने पर दूसरे से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हो सकती है। पर इस ओर अफसरों का ध्यान नहीं है।

तीन कॉलोनियों के निवासियों के जाम लगाने पर लगी वाहनों की कतार। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

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