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Yamuna Nagar News: सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे नाराज कर्मचारी

Tue, 20 Jan 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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भाई कन्हैया साहिब चौक के पास बने पार्क में नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के सदस्य। संवाद - फोटो : रायबरेली में सोमवार को सीएचसी में भर्ती महिला।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। केंद्र व राज्य सरकार की कर्मचारी और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसी क्रम में सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले विभिन्न विभागीय संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी भाई कन्हैया साहिब चौक पर एकत्रित हुए, जहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रोष मार्च निकाला गया। इस दौरान डीआरओ तरुण सहोता को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन जिला प्रधान महिपाल सौदे की देखरेख में हुआ। संचालन जिला सचिव सतीश कुमार ने किया। मार्च के दौरान कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए जमकर नारे लगाए।
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प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज, नगर पालिका कर्मचारी संघ के महासचिव मांगेराम तिगरा, बिजली कर्मचारी नेता विक्रम काम्बोज, अध्यापक संघ के राकेश धनखड़ और किसान नेता जरनैल सांगवान ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा 23 व 31 दिसंबर 2025 को कच्चे कर्मचारियों के पक्ष में दिए गए ऐतिहासिक और स्पष्ट आदेशों को हरियाणा सरकार जानबूझकर लागू नहीं कर रही है।
यह रवैया कर्मचारियों के साथ विश्वासघात के साथ-साथ न्यायालय की अवमानना भी है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने 1993, 1996, 2003 और 2011 की नीतियों के तहत आने वाले सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने तथा 31 दिसंबर 2025 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के लिए पद सृजित कर नियमित दर्जा देने के निर्देश दिए हैं।
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इसके साथ ही वेतन निर्धारण और एरियर भुगतान के आदेश भी स्पष्ट रूप से दिए गए, लेकिन सरकार की चुप्पी से यह जाहिर होता है कि वह शोषण आधारित व्यवस्था को बनाए रखना चाहती है। कर्मचारी नेताओं ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू किए जाने को मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। मनरेगा, बिजली संशोधन विधेयक, न्यूक्लियर एनर्जी (शांति) विधेयक और प्रस्तावित बीज विधेयक को भी मजदूरों व किसानों के हितों के खिलाफ करार दिया गया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही उच्च न्यायालय के आदेशों को लागू नहीं किया तो 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा का कर्मचारी और किसान वर्ग पूरी ताकत के साथ सड़कों पर उतरेगा।
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