संवाद न्यूज एजेंसी
सरस्वतीनगर। हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई भावांतर योजना के तहत जिन किसानों का पंजीकरण होता है। उन्हें मंडी के भाव में बेचने से जो कम दाम मिलते हैं। उनका अंतर सरकार देती है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष तो यह अंतर का जो भी पैसा बनता था उन्हें मिल गया था, लेकिन इस वर्ष नहीं मिला जिसकी वजह से किसानों में रोष व्याप्त है।
क्षेत्र के किसानों भगवानपुर के राजेश चौधरी, हरमंजित सिंह, गांव अंबली के जसवीर सैनी, राम गोपाल, महेंद्र पाल तलाकौर, जसवंत सिंह, धर्मपाल, खान अहमदपुर के गुरविंद्र सिंह इत्यादि ने बताया कि उन्होंने मुस्तफाबाद, बाबैन, पीपली इत्यादि मंडियों में आलू बेचा था जिसका पंजीकरण हुआ था।
पर्चे भी कटे हुए हैं, उसके बावजूद भी उन्हें अभी तक भावांतर नहीं मिला। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें शीघ्र आलू का भावांतर दिया जाए। वैसे भी किसान महंगाई होने की वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है उन्हें समय पर पैसा दिया जाना चाहिए।