गोतस्करों ने शनिवार की रात गोरक्षा दल के जिला संयोजक रोहित चौधरी का अपहरण कर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। सूचना पाकर आननफानन में थाना सदर की पुलिस ने मौके पर पहुंच रोहित को छुड़वाया और उसे गंभीर हालत में शहर के निजी अस्पताल पहुंचाया।
रविवार सुबह गोरक्षा दल व हिंदू संगठनों को जैसे ही यह खबर मिली, उनका गुस्सा फूट पड़ा। गोरक्षक समेत विभिन्न संगठनों के लोगों ने करीब एक बजे नेशनल हाईवे-73 पर कमानी चौक पर जाम लगाया दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े उदयवीर शास्त्री ने बताया कि शनिवार देर शाम गोरक्षा दल के जिला संयोजक रोहित चौधरी का गो तस्करों ने सुनियोजित तरीके से अपहरण कर लिया और उसे पीट-पीटकर जान से मारने की कोशिश की। शनिवार देर शाम को गोरक्षा दल संयोजक रोहित चौधरी को सूचना दी गई कि कुछ तस्कर गोवंशजों को वध के लिए यूपी ले जा रहे हैं।
इस दौरान उन्हें दो व्यक्ति गायों के साथ मिले जब रोहित ने उनसे इस बारे में पूछा तो वह वहां से भाग निकले। रोहित और रंजीत ने उनका पीछा। कुछ दूर पहले से ही तैयार खड़े करीब तीन लोग वहां पहुंच गए। उन्हें देखकर रोहित और रंजीत वहां से अलग-अलग दिशाओं में भागे।
इस दौरान रंजीत किसी तरह वहां से निकल भागा, लेकिन रोहित उक्त लोगों के हत्थे चढ़ गया। रंजीत ने इसकी सूचना तुरंत दल के अन्य पदाधिकारियों और पुलिस को दी। जिस पर गोरक्षा टास्क फोर्स इंचार्ज मेवा सिंह उक्त स्थान पर पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें कोई न मिला। रोहित को तलाश करने के दौरान एक व्यक्ति वहां मिला, जब उससे सख्ती से पूछा तो उसने बताया कि रोहित को पीटते हुए शादीपुर स्थित एक मकान में ले गए हैं।
जब टास्क फोर्स ने वहां पहुंचकर रोहित को छुड़वाने का प्रयास किया, तो वह मौजूद दर्जनों लोगों ने फोर्स का विरोध किया और धक्के देकर गांव से निकाल दिया।
सूचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे काफी मशक्कत के बाद रोहित को लहूलुहान हालत में लोगों से छुड़वाया। रोहित को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
लेकिन परिजनों और दल पदाधिकारियों ने उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रोहित की हालत नाजुक बनी हुई। फिलहाल रोहित को आईसीयू में रखा गया है।
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ये संगठन आए समर्थन में : रोहित चौधरी के अपहरण और उस पर जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही रविवार सुबह हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, गोरक्षा समिति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक दल, बजरंग दल, शिव सेना, केंद्रीय सनातन धर्म सभा उत्तरी भारत, व्यापार मंडल के सैकड़ों सदस्य अस्पताल में जमा हो गए। इस दौरान हिंदू जागरण मंच के गगनदीप सिंह, अनीश गर्ग, विश्व हिंदू परिषद के सागर बजाज, व्यापार मंडल के महिंद्र मित्तल, शिव सेना के प्रिंस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महिंद्र चौहान अपने अपने सदस्यों के साथ मौके पर मौजूद रहे।
मोटरसाइकिलों पर रवाना हुआ काफिला
करीब पौने एक बजे दर्जनों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सैकड़ों युवक कमानी चौक की ओर रवाना हुए। 12 बजकर 50 मिनट पर युवक कमानी चौक पहुंचे और अपनी मोटरसाइकिलों से चारों ओर की सड़कों पर प्रवेश बंद कर दिया। इस दौरान युवक सड़क के बीच बैठ गए और पुलिस, सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वहां से निकलने वाले सभी वाहनों को रोक दिया।
एसपी को मौके पर बुलाने पर अड़े
जाम की सूचना मिलते ही थाना शहर जगाधरी प्रभारी नरेंद्र राणा मौके पर पहुंचे, वहीं थाना शहर यमुनानगर प्रभारी राजेश कुमार और फर्कपुर के सब इंस्पेक्टर बरखा राम मौके पहुंचे। वहीं उक्त क्षेत्र की अन्य पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई। उक्त अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने और यह बात एसपी से सुनने की बात को लेकर अपनी मांग डटे रहे।