जगाधरी। जिले में किराये के भवनों में चल रही आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी इमारत में शिफ्ट करने की योजना हैं। योजना के अनुसार यह आंगनबाड़ी केंद्र जिले में मौलिक शिक्षा विभाग के खाली भवनों में शिफ्ट होंगी। इसके लिए महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने मौलिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। इसे में खाली प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय इमारतों की जानकारी मांगी गई है। इस पर शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के डीईईओ को इसकी जानकारी देने के आदेश जारी किए हैं।
निदेशालय ने इसके लिए पत्र जारी किया है। पत्र मिलने के बाद जिला विभाग ने काम शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों की कमी के चलते जिले के कई प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल मर्ज कर दिए गए थे। मर्ज होने से कई स्कूलों के भवन खाली हो गए हैं। अब इन भवनों में कक्षाएं नहीं लग रही हैं और भवन वीरान पड़े हैं।
ऐसे में महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने इन भवनों में किराये के कमरों में चल रही आंगनबाड़ी शिफ्ट करना चाहता है। इससे आंगनबाड़ियों को निजी भवन मिल जाएगा और किराये से छूटकारा मिलेगा। वहीं, प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में जगह काफी होगी। इससे आंगनबाड़ी के बच्चों की कमरों से बाहर की गतिविधियां भी बहुत आसानी से हो सकती हैं।
अभी जिन किराये के भवनों में जगह काफी कम है। वहीं, दूसरी तरफ खाली पड़े शिक्षा विभाग के भवनों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। जिससे यह भवन रखरखाव के अभाव में खराब हो रहे हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर सभी जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश दिए हैं कि एक सप्ताह में यह जानकारी देनी होगी।
इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए और हर हाल में यह जानकारी निदेशालय भेज दी जाए। इस दौरान विभागों को स्कूल का नाम, क्षेत्र का नाम, भवन निर्मित व खाली स्थान, कमरों की संख्या इत्यादि सभी जानकारी देनी होगी। वहीं समय पर जानकारी उपलब्ध न करवाने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। संवाद
मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों के खाली पड़े भवनों की जानकारी मांगी गई है। इस साल जिले के कई स्कूल मर्ज किए गए थे। जिसके भवन खाली पड़े हैं। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। समय पर निदेशालय को जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी। - धर्मेंद्र चौधरी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।