संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिला सिविल न्यायाधीश दवेंद्र की अदालत ने 12 मई 2015 के बिक्री अनुबंध के विशिष्ट निष्पादन से संबंधित सुनीता बनाम राजेश कुमार मामले में पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौते के आधार पर मुकदमे को डिक्री कर दिया।
वादी सुनीता ने प्रतिवादी राजेश कुमार के खिलाफ 30 वर्ग गज के भूखंड के लिए बिक्री अनुबंध के निष्पादन और कब्जे की मांग की थी। यह अनुबंध 4,35,000 रुपये के भुगतान के साथ 12 मई 2015 को गवाहों की उपस्थिति में हुआ था। वादी ने दावा किया कि प्रतिवादी ने बिक्री विलेख निष्पादित करने में असफलता दिखाई जबकि प्रतिवादी ने अनुबंध को जाली और दबाव में हस्ताक्षरित बताया। प्रतिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि वादी के पति बलवान सिंह ने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाए।
मामला प्रतिवादी के साक्ष्य चरण में था, उस समय दोनों पक्षों ने 6 अक्तूबर को समझौता करने की इच्छा जताई। वादी के विशेष मुख्तारनामा धारक बलवान सिंह और प्रतिवादी राजेश कुमार ने संयुक्त रूप से समझौता पत्र के आधार पर मुकदमा समाप्त करने का अनुरोध किया। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए समझौते को स्वीकार किया और मुकदमे को डिक्री कर दिया। न्यायाधीश ने आदेश दिया कि दोनों पक्ष समझौते से बंधे रहेंगे और अपने खर्च स्वयं वहन करेंगे।