यमुनानगर। गांव बाल छप्पर में होम लोन की किश्तें जमा न होने पर फाइनेंस कंपनी कर्मचारियों द्वारा किसान के मकान पर ताला लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर भारतीय किसान यूनियन में रोष है। भाकियू पदाधिकारियों ने मंगलवार को प्रशासन और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई तथा आंदोलन की चेतावनी दी।
भाकियू के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि गांव बाल छप्पर निवासी किसान नरेश कुमार ने आदित्य बिरला फाइनेंस लि. से 36 लाख रुपये का होम लोन लिया था। ब्याज और अन्य चार्ज जोड़कर यह राशि करीब 60 लाख रुपये तक पहुंचा दी गई, जबकि किसान पहले ही 11 किश्तें जमा कर चुका है। उन्होंने बताया कि किसान नरेश कुमार गंभीर रूप से बीमार है और पैरालाइज की स्थिति में है। इसके बावजूद कंपनी की ओर से लगातार दबाव बनाया जाता रहा। आरोप है कि 13 मई को कंपनी के कर्मचारी किसान को घर से बाहर निकालकर मकान पर ताला लगाकर चले गए। भाकियू नेताओं ने इसे किसान के साथ अन्याय और गुंडागर्दी बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने घोषणा की कि बुधवार को किसान गांव बाल छप्पर पहुंचेंगे और ताला तोड़कर किसान को दोबारा उसके घर में बैठाया जाएगा।