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Yamuna Nagar News: बाढ़ राहत कार्यों में धांधली का आरोप, जांच की मांग

Sun, 03 May 2026 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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बाढ़ बचाव राहत कार्यों के पत्थर में मिलाई गई मिट्टी। ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। व्यासपुर क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ राहत कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगा है। किसानों ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से कार्यों में धांधली होने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
किसान सोहनलाल, सुल्तान सिंह, कर्म सिंह और जसमेर सिंह ने आरोप लगाया कि बाढ़ राहत कार्यों में उपयोग किए जा रहे पत्थरों के स्टॉक में मिट्टी मिलाई जा रही है। उनके अनुसार पत्थरों के साथ मिट्टी मिलाकर चट्टे लगाए जा रहे हैं, जिससे वास्तविक पैमाइश प्रभावित हो रही है और कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। किसानों का कहना है कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से कम सामग्री में अधिक कार्य दर्शाया जा रहा है, जिसका सीधा असर खेतों की सुरक्षा पर पड़ेगा।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्थरों का स्टॉक लगाने से पूर्व विजिलेंस टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जाना आवश्यक होता है, किंतु बिना निरीक्षण के ही ऊबड़-खाबड़ स्थान पर स्टॉक लगा दिया गया। इससे पत्थरों की सही माप संभव नहीं हो पा रही है। किसानों ने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत की आशंका जताई है।
किसानों के अनुसार सोम नदी, पथराला और अन्य बरसाती नदियों के किनारे प्रतिवर्ष बाढ़ से बचाव के लिए कार्य कराए जाते हैं, जिनका उद्देश्य कटाव रोकना और फसलों की सुरक्षा करना होता है। आरोप है कि इस बार कार्यों में अपेक्षित गुणवत्ता नहीं बरती जा रही है, जिससे बरसात के दौरान इन निर्माणों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है।
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किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा इन कार्यों पर लाखों रुपये व्यय किए जाते हैं, किंतु यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं होंगे तो न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग होगा, बल्कि किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस संबंध में विजिलेंस के एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि उनके पास अभी तक इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। फिर भी वह अपने स्तर पर इस मामले की जांच करवाएंगे।

बाढ़ बचाव राहत कार्यों के पत्थर में मिलाई गई मिट्टी। ग्रामीण

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