संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। क्षेत्र के गांव जाटों वाला निवासी युवकों ने जगाधरी वन विभाग पर लगाए फायरिंग करने के आरोप झूठे निकले हैं। फायरिंग करने का मामला सिर्फ एक कहानी निकली जिसमें युवकों ने खैर तस्करी में वन विभाग व पुलिस द्वारा कार्रवाई से बचने के लिए महज एक ड्रामा रचा था। नारायणगढ़ वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने तीन तस्करों के खिलाफ शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
शहजादपुर से वन विभाग द्वारा एक खैर से भरी पिकअप भी सीज कर दी गई जोकि इन तस्करों की ही है। नारायणगढ़ वन दरोगा सुभाष चंद ने शहजादपुर थाने में दी शिकायत में बताया कि वह रविवार रात के समय वह वन रक्षक सोनू, नितिन के साथ सरकारी गाड़ी में रात्रि गश्त पर थे। इस दौरान छछरौली वन विभाग कर्मचारियों की तरफ से सूचना मिली कि एक पिकअप गाड़ी जिसके उपर तिरपाल ढकी हुई है। उसमें खैर की लकड़ी लोड है जो कि शहजादपुर होते हुए पंजाब की तरफ जाएगी। यह लकड़ी छछरौली के जंगलों से कटी हुई है। सूचना मिलते ही उनकी टीम ने एक जगह पर नाकाबंदी कर दी कुछ देर बाद एक पिकअप गाड़ी आती दिखाई दी। जिसको रुकने का इशारा किया तो रुकने की बजाय ड्राइवर ने स्पीड ओर तेज कर दी। टीम ने उनका पीछा किया तो कुछ दूर जाने के बाद आपको घिरा हुआ देख वह पिकअप छोड़कर भागने लगे। इस दौरान उनको पकड़ने का प्रयास किया तो उन्होंने राॅड- डंडों से टीम पर हमला कर दिया। जिसमें वन रक्षक सोनू की दो नाली बंदूक भी टूट गई। हमले में उन्होंने कार के शीशे भी तोड़ दिए। तीनों युवकों की पहचान जाटों वाला निवासी शाहरुख, शराफत, इरफान के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ खैर तस्करी आईबीएनएस 2023 की 303 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
रविवार को जाटों वाला निवासी शाहरुख ने छछरौली पुलिस सीआईए व डायल 112 को सूचना दी कि उनकी कार पर वन विभाग जगाधरी के कर्मचारियों ने उस समय अचानक फायरिंग कर दी जब वह चंडीगढ़ पीजीआई में एक बीमार रिश्तेदार को देखने जा रहे थे। उन्होंने यह फायरिंग अंबाला के शहजादपुर में की है। शाहरुख ने दिखाया कि कार की डिग्गी में सुराख हो चुके हैं ओर एक गोली का छर्रा उसके गले व कान को छूकर निकला है।