संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांधी नगर थाना क्षेत्र में करीब सात साल पुराने विवाद में कोर्ट के आदेश पर मेडिकल एजेंसी संचालक समेत पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। चांदपुर निवासी रंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में पारिवारिक जरूरत के चलते न्यू मार्केट स्थित मनीष मेडिकल एजेंसी के संचालक मनीष कुमार से 1.30 लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बदले उन्होंने अपने मकान की सेल डीड बतौर सिक्योरिटी मनीष के पास रखी थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23 मई 2019 को मनीष कुमार ने उस पर एजेंसी की रकम के गबन का आरोप लगाते हुए उधार की राशि ब्याज समेत लौटाने का दबाव बनाया। साथ ही परिवार को झूठे केस में फंसाने और पुलिस व सीआईए के माध्यम से थर्ड डिग्री टॉर्चर करवाने की धमकी दी गई। अगले दिन आरोपी अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचे और उनकी बुलेट बाइक, पत्नी की एक्टिवा व बैंक खाते के साइन किए हुए खाली चेक ले गए।
रंजीत का आरोप है कि लगातार दबाव बनाकर उनके मकान की सेल डीड मनीष की पत्नी कृति ग्रोवर के नाम करवा दी गई। दस्तावेजों में मकान की बिक्री कीमत नौ लाख रुपये दर्शाई गई, जबकि उसकी वास्तविक कीमत करीब 30 लाख रुपये थी। शिकायत के अनुसार 28 मई 2019 को उनके खाते में नौ लाख रुपये जमा हुए और उसी दिन चेक के माध्यम से पूरी रकम निकाल ली गई। रंजीत ने जुलाई 2019 में एसपी को शिकायत दी और रजिस्ट्री रद्द कराने के लिए सिविल कोर्ट में मामला दायर किया।
पुलिस से कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का रुख किया। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मनीष कुमार, हिमांशु ग्रोवर, सुदीप जग्गी, बृजेश कुमार और प्रीति ग्रोवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।