छछरौली। ग्राम पंचायत बरौली माजरा के पास सरकार द्वारा दर्जनों गांवों को पथराला नदी के पानी से बचने के लिए पटरी बांधी गई थी। उस दौरान यहां पत्थरों की पेचिंग भी लगाई गई थी। अब इस पटरी के साथ लगे पत्थरों को खेत मालिक उठाकर जंगल में डाल रहा है और पटरी को अपने खेत में मिलना चाहता है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एसडीओ को देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर एसडीओ ने मुआयना किया और उठाए जा रहे पत्थरों पर रोक लगवा दी है।
ग्रामीण गुरनाम सिंह, नंबरदार पलाराम व अन्यों ने बताया कि गांव माजरा से बह रही नदी के पानी से दर्जनों गांवों को बाढ़ बचाने के लिए पटरी का निर्माण करवाया गया था। लेकिन गांव का ही एक व्यक्ति इस पटरी तोड़कर अपने खेतों में मिलना चाहता है। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और इसकी शिकायत सिंचाई विभाग को दी। जिस पर एसडीओ सिंचाई विभाग ने मौके पर पहुंचकर यहां से उठाए जा रहे पत्थरों को रुकवा दिया।
इस बारे में सिंचाई विभाग के जेई अभय कुमार ने बताया कि पटरी के पेचिंग उखाड़ने की सूचना मिली थी। जिस पर उन्होंने खेत मालिक को यहां से पत्थर निकलते से सख्ती से मना कर दिया है। सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़ करने व खुर्द बुर्द करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।