संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के साथ लगती शिवालिक की पहाड़ियों में हुई बारिश के चलते जिले की सूखी पड़ी कई नदियों में पानी आ गया है। हालांकि पानी आगे की तरफ बढ़ गया, जिससे नदियों में पानी कम हो गया। बारिश से एक साथ आए काफी पानी को देखकर आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया गया है।
वहीं हथिनी कुंड बैराज में बारिश से आठ हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, जबकि पिछले सप्ताह भर से दो हजार क्यूसेक ही पानी था। यदि पहाड़ों में लगातार बारिश हुई तो जलस्तर बढ़ जाएगा। ऐसे में बैराज पर चल रहे विकास कार्य को काफी नुकसान हो सकता है। बता दें सिंचाई विभाग के द्वारा 40 साइटों पर 26 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें 16 साइटों पर कार्य पूरा हो चुका है, बाकी जगहों पर कार्य चल रहा है। सोम नदी में बारिश पानी आने से बाढ़ बचाव कार्य प्रभावित हुआ है।
शुक्रवार को हुई बारिश से व्यासपुर की सोम नदी में उफान आ गया था। ऐसे में बनकट गांव के पास नदी के तटबंध का कुछ हिस्सा पानी में बह गया है। हालांकि अब स्थिति सामान्य है। लेकिन नदी के साथ लगती किसानों की फसल को लेकर उनमें अभी से चिंता सताने लगी है। सोम नदी के बहाव के कारण सिंचाई विभाग की तरफ से गांव बनकट के समीप बनाए जा रहे तटबंध को नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि समय रहते पानी का बहाव कम हो गया। क्षेत्र के सोनू, राम कुमार, मेम सिंह, हरि सिंह, सोहन लाल, जयकुमार का कहना है कि गत वर्ष सोम नदी में 20 हजार क्यूसेक से अधिक पानी का बहाव होने के कारण गांव खानूवाला व चिंतपुर में तटबंध के टूटने से पानी गांव में प्रवेश कर गया था।
साढौरा की नकटी नदी में आया पानी
साढौरा की पहाड़ी इलाकों में नकटी नदी में बारिश का पानी आ गया है। अचानक नदी में आए पानी से लोगों को बाढ़ जैसे हालात से निपटने की चिंता सतानें लगी है। सिंचाई विभाग की मनमानी से नदी का प्रवाह क्षेत्र घटाकर बीचोबीच बना तटबंध फिर से लोगों के लिए अभिशाप साबित होगा। इस बार लोगों के घरों में फिर से पानी घुसने और उन्हें आर्थिक नुकसान को झेलने से इंकार नही किया जा सकता।
पहाड़ों पर आए पानी से सोम नदी में पानी बढ़ गया था। पानी के आने से बाढ़ बचाव कार्य प्रभावित हुआ है। अब पानी कम है, लेकिन फिर आसपास क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। अभी डरने की कोई जरूरत नहीं है। -विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग यमुनानगर।