यमुनानगर। बुड़िया थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर स्थित गोल्डवुड इंडस्ट्रीज, खदरी स्थित मैसर्ज लिग्ना डेकोर प्राइवेट लिमिटेड और सदर थाना क्षेत्र की गांव कामी माजरा स्थित हिमालयन पैनल और खजूरी रोड स्थित मैसर्ज कृष्णा इंटरप्राइजेज में टेक्निकल यूरिया की जगह कृषि योग्य यूरिया इस्तेमाल किया जा रहा था। इसका खुलासा सेंट्रल फर्टिलाईजर टीम व राज्य सरकार की टीम द्वारा रेड के दौरान पकड़े यूरिया की आई रिपोर्ट में हुआ। दोनों टीमों ने 22 जुलाई को चारों फैक्टरियों में रेड कर 280 यूरिया खाद के बैग बरामद किए थे। रिपोर्ट में यूरिया के सैंपल फेल होने पर कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर चारों फैक्टरी संचालकों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिए हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के गुण नियंत्रण निरीक्षक बाल मुकुंद ने बताया कि कृषि उपयोग यूरिया के फैक्टरियों में इस्तेमाल होने के शक पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार की टीमों ने 22 जुलाई को बुड़िया क्षेत्र के गांव फतेहपुर स्थित गोल्डवुड इंडस्ट्रीज, खदरी स्थित मैसर्ज लिग्ना डेकोर प्राइवेट लिमिटेड, सदर थाना क्षेत्र के गांव कामी माजरा स्थित हिमालयन पैनल और खजूरी रोड स्थित मैसर्ज कृष्णा इंटरप्राइजेज में रेड की थी। रेड के दौरान गोल्डवुड इंडस्ट्रीज से टेक्निकल ग्रेड यूरिया के 46 बैग, लिग्ना डेकोर प्राइवेट लिमिटेड खदरी से तीन अलग अलग स्थानों पर रखे 159 बैग, हिमालयन पैनल से 50 और कृष्णा इंटरप्राइजेज से 25 बैग बरामद किए गए।
चारों फैक्टरियों से बरामद खाद के नमूने लेकर जांच के लिए सेंट्रल फर्टिलाइजर लेबोरेटरी फरीदाबाद में भेजे गए थे। चारों फैक्टरियों से बरामद किए गए यूरिया खाद की रिपोर्ट आ गई है। जिसमें लैब में भेजे गए सैंपल फेल निकले। रिपोर्ट के अनुसार रेड के दौरान बरामद किए खाद की कृषि योग्य यूरिया होने की पुष्टि हुई है। यह खाद केवल किसानों के प्रयोग के लिए ही अनुदानित है। फैक्टरी मालिक अवैध रूप से इसका फैक्टरियों में इस्तेमाल कर रहे थे। बुड़िया पुलिस ने गुण नियंत्रण निरीक्षक बाल मुकुंद की शिकायत पर गोल्डवुड इंडस्ट्रीज व मैसर्ज लिग्ना डेकोर प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों और सदर थाना पुलिस ने हिमालयन पैनल और कृष्णा इंटरप्राइजेज के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।