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Yamuna Nagar News: शक दूर होने पर किसानों ने 28 घंटे बाद खोला जाम

Wed, 24 Sep 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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साढौरा में मंडी के सामने सड़क पर जाम लगाते किसान। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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साढौरा। अनाज मंडी में डिजिटल कांटों से धान की तौलाई नहीं होने से किसान मंगलवार को भी साढौरा-दोसड़का रोड पर लगाए गए जाम को खोलने को तैयार नहीं हुए। किसानों की एक ही मांग थी कि धान की तौलाई डिजिटल कांटों से ही होनी चाहिए। आखिरकार एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह गिल मौके पर पहुंचे और किसानों से बात की। इसके बाद मंडी डिजिटल कांटे रखवाए गए। सामान्य कांटे तौली गई फसल को फिर से डिजिटल कांटों पर तौल कर शक दूर किया। इसके बाद किसानों ने जाम खत्म कर दिया।
एसडीएम की बात को मानते हुए आखिरकार शाम को 5:50 बजे 28 घंटे 20 मिनट से लगाया गया जाम किसानों ने खोल दिया। इस दौरान किसानों ने डिजिटल कांटों से तुलाई करने का एक मांग पत्र भी एसडीएम को सौंपा। भाकियू चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को डिजिटल बनाने की बात कह रहे हैं।
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अनाज मंडियों में आढ़तियों ने नोट गिनने के लिए डिजिटल मशीनें लगा रखी हैं। यहां तक की सब्जी व करियाना की दुकानों पर भी सामान तोलने के लिए डिजिटल कांटे लगे हुए हैं। फिर आढ़तियों को डिजिटल कांटों पर धान की तुलाई करने में क्या दिक्कत आ रही है। आढ़तियों को भी पता है कि यदि मंडियों में डिजिटल कांटे लग गए तो वह फसल की खरीद में जो हेराफेरी करते हैं उस पर पूरी तरह से अंकुश लग जाएगा।
उनका कहना है कि पहले ही खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है। दूसरा इस बार प्रकृति की मार से फसल को काफी नुकसान हुआ है। इस बार प्रति एकड़ 15 से 20 क्विंटल धान कम निकल रही है। जो फसल मंडियों में आ रही है उसमें आढ़ती हेराफेरी कर देते हैं। डिजिटल युग में अनाज मंडियों में पुराने कांटों से तुलाई न होना बहुत ही चिंता का विषय है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इ बार किसानों की धान की तौलाई मंडियों में डिजिटल कांटों से कराने की बात कही थी। इसी को लागू करने के लिए किसान लगातार मंडी प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
जाम लगाए बैठे किसानों से बातचीत करने के लिए मंगलवार को एक बार फिर से मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार पहुंचे। सचिव ने फिर वही बात दोहराई की अभी तक उनके पास डिजिटल कांटों से फसल तुलाई करने के कोई आदेश नहीं है। यदि आदेश होते तो वह पूरे हरियाणा की मंडियों में लागू होते। ऐसे में केवल साढौरा अनाज मंडी में ही आदेशाें को लागू नहीं किया जा सकता।
उन्होंने किसानों से कहा कि उनके पास आठ डिजिटल कांटे रखे हैं। यदि किसानों को तुलाई में हेराफेरी का शक होता है तो वह उनके कांटों पर बोरी का वजन तोल सकते हैं। परंतु किसानों ने उनकी कोई भी बात सुनने से मना कर दिया। नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह व थाना साढौरा प्रभारी प्रमोद कुमार ने भी किसानों को मनाने का प्रयास किया लेकिन, वह नहीं माने। इसके बाद एसडीएम व्यासपुर में किसानों को मनाया।
सड़क जाम होने से परेशान रहे लोग

सोमवार से करीब 28 घंटे तक लगे जाम से लोगों को परेशानी का का सामना करना पड़ा। साढौरा-दोसड़का रोड पर जाम लगने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई। लोगों को आने जाने में काफी परेशानी हुई। उन्हें मजबूरन दूसरे रास्तों से जाना पड़ा। रोडवेज व सहकारी समिति की बसें दोसड़का कालाआम रोड से होते हुए बस स्टैंड पर पहुंची। इसके अलावा काफी लोग अनाज मंडी-राजपुर रोड से तो काफी कपालमोचन-शामपुर गांव से होते हुए साढौरा में पहुंचे। जिस जगह पर जाम लगा था उसके आसपास की गलियों व लिंक रास्तों से होते हुए बाइक सवार आना जाना करते रहे। जाम खुलने से सभी ने राहत की सांस ली।
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किसानों ने पुराने कांटों पर तौलाई में हेराफेरी होने की आशंका जताई है। इसलिए अनाज मंडी में डिजिटल कांटे भी रखवाए गए हैं ताकि किसी बोरी में ज्यादा तुलने का शक हो तो दूर किया जा सके। किसानों को डिजिटल कांटे पर धान की तुलाई करके भी दिखाई गई। इस पर किसान सहमत हो गए और जाम खोल दिया। - जसपाल सिंह गिल, एसडीएम, व्यासपुर।

साढौरा में मंडी के सामने सड़क पर जाम लगाते किसान। संवाद

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