संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज होने के बाद फर्जी दस्तावेजों बनाकर एनआरआई राकेश कपूर की प्राॅपर्टी बेचने के का मुख्य आरोपी एसडीएम कार्यालय का कर्मी राममेहर व प्राॅपर्टी डीलर अश्विन भूमिगत हो गए है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पाया।
आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सुभाष ने बताया कि आरोपियों की तलाश में उनकी टीम दबिश दे रही है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अब तक इस केस में आरोपी परमजीत कौर, उर्दू अनुवादक इस्लाम व उसकी भाभी इमराना व भाई रमजान को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है।
इस फर्जीवाड़ा में राममेहर मुख्य कड़ी है। आरोपी राममेहर उर्दू अनुवादक इस्लाम के माध्यम से परमजीत कौर से मिला था। इसके बाद एनआरआई की प्राॅपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचा गया था। इस फर्जीवाड़ा में आरोपी राममेहर के हिस्से में लगभग दो करोड़ रुपये आए थे। पुलिस ने इस केस से जुड़े आरोपियों के खाते सीज कराए हैं।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस केस से जुड़े अन्य आरोपी भूमिगत हैं। इस केस में प्रापर्टी डीलर अश्विनी कुमार, एसडीएम कार्यालय का कर्मी राम मेहर, करनैल सिंह, परमजीत कौर की बेटी मनिका कौर, सुषमा क्वात्रा, निधि गर्ग, मलिका अग्रवाल, रिचा गर्ग भी आरोपी हैं। इनकी पुलिस को तलाश है।