दो दिन हुई मूसलाधार बारिश ने क्षेत्र के गांवों की अधिकतर सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बारिश के पानी से सड़कों के बर्म भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दो दिन बाद बारिश के पानी के निकासी होने के बाद नुकसान सामने आने लगा है।
घाड़ क्षेत्र के मुगलवाली बस स्टैंड से पृथ्वीपुर तक जाने वाली छह किलो मीटर लंबी सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। टूटी सड़क के कारण एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को उपमंडल मुख्यालय तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के जगमाल, सतबीर, नरेश कुमार, बीर सिंह ने बताया कि मुगलवाली बस स्टैंड से पृथ्वी तक गाढ़वाली, माजरा, बनकट, रामगढ़ सवाई, काटरवाली सहित एक दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ती है। रविवार हुई बारिश से खेतों का सारा पानी मुख्य सड़क से गुजरा। जिस कारण सड़क में जगह जगह गड्डे पड़े गए व कुछ जगहों पर सड़क के ब्रम धंस गए। ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश में सरकार प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण का कार्य करवाया जा रहा है लेकिन घाड़ के इस क्षेत्र की ओर किसी का ध्यान नही गया है।
इन सड़कों की हालत हुई खराब : क्षेत्र के गांव अराईयावाला से भमनौली तक दो किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है, बिलासपुर से हडतोल तक जाने वाली सड़क, बिलासपुर प्रतापनगर मार्ग पर गांव मलिक पुर बांगर के समीप सड़क के टूटने ओर भ्रम धंसने, रणजीतपुर से सुल्तानपुर तक जाने वाली सड़क, बिलासपुर से चंदा खेड़ी तक जाने वाली सड़क, गांव चंदा खेड़ी से पीरूवाला तक जाने वाली सड़क, जगाधरी मुख्य मार्ग से गांव पीरूवाला तक जाने वाली सड़क, साढौरा गुलाबनगर मार्ग से मुसिम्बल तक जाने वाली सड़क, गांव महलावाली के समीप बने श्मशान घाट के पास मुख्य सड़क बरसाती पानी से टूट कर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। गांव मलिकपुर बांगर में श्मशान घाट के समीप सोमनदी का पानी सड़क के बर्म को नष्ट कर दिया है। जिससे सड़क के एक ओर तीन से चार फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं जो कि मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते है।
दो दिन बाद भी पानी निकासी न होने से झोल रहे है परेशान : क्षेत्र के गांव महेश्वरी में बारिश के दो दिन बाद तक गांव की मुख्य गलियों में दो से तीन फुट पानी भरा है। जिसके कारण ग्रामीणों को अपने गांव से बाहर जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के एक दर्जन से अधिक गांवों में बारिश के पानी आने से घरों का घरेलू सामान भी खराब हो गया है। गांव के सूत्र पाल, पूर्ण चंद, संदीप, देबा, फूल चंद, अशोक, मंगी ने बताया कि गांव के समीप से बह रही चेतंग नदी में पानी की मात्रा बढ़ जाने से ओवरफ्लो पानी उनके गांव की ओर रुख कर गया है जिसके कारण गांव की गलियों में पानी भर गया है। गांव के गलियों में पानी भर जाने से ग्रामीण किसी भी कार्य के लिए गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नही पहुंचा है। वहीं वीटा मिलक प्लांट में पानी भर जाने से मशीनरी व अन्य सामान खराब हो गया है। कर्मचारी विक्रम ने बताया कि बारिश के पानी की निकासी न होने से प्लांट के फर्नीचर व कुछ मशीनरी को नुकसान पहुंचा है। प्लांट के प्रांगण में अभी भी पानी भरा हुआ है।
राजकीय स्कूल के खेल मैदान से पानी की निकासी नहीं हुई : खंड के राजकीय स्कूल के खेल मैदान में दो दिन बाद भी दो से तीन फुट तक पानी भरा रहा। क्षेत्र के युवा तरूण बक्शी, राहुल, सुनील कुमार, राजीव, हार्दिक ने बताया कि खंड के एकमात्र खेल मैदान में पानी भरा होने से उन्हें खेल का अभ्यास करने में भारी परेशानी आ रही है। युवा खिलाड़ियों का कहना है कि कुछ दिन बाद राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिता करवाई जानी है। उसके लिए अभ्यास करने में खेल मैदान की कमी पड़ रही है। इसके साथ साथ रोजाना स्कूल के बच्चों को भी अभ्यास करने में भी परेशानी आ रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि खेल मैदान के समीप पंचायती तालाब बना हुआ है जिसके दो ओर से कुछ लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है जिसके कारण तालाब से पानी की निकासी नहीं हो रही है ओर तालाब का पानी खेल मैदान में आकर रुक गया है। जल्द ही पानी की निकासी नहीं की गई, तो स्कूल के बच्चों में बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा।