(यमुनानगर) प्रतापनगर। नौ साल पहले कलेसर नेशनल पार्क के सेंचुरी एरिया में सांभर का शिकार करने वालों को कुरुक्षेत्र की पर्यावरण कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने पांच लोगों को सांभर का शिकार करने का दोषी पाया और उन्हें तीन साल की दी है। वहीं कोर्ट ने उन पर दस हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
बता दें कि दो नवंबर 2011 की देर रात करीब बजे ढाई बजे तत्कालीन वन राजिक अधिकारी नवल किशोर टीम के गुरनाम सिंह, कुलदीप सिंह, सुरेश पाल, विजय सिंह, रमेश कुमार के साथ आंबवाली बीट में गश्त पर थे। इसी दौरान जंगल के भीतर वाहन की रोशनी नजर आई। जिस पर टीम ने वाहन के पहियों के निशान का पीछा किया गया और मौके पर पहुंच गए। जंगल में एक काले रंग की बोलेरो कार खड़ी थी, जिसमें सांभर का कटा शव रखा हुआ था। सांभर को गोलियों से मारा गया था। उसकी टांग व सिर पर गोली के निशाने थे। सांभर को मारकर उसके 17 टुकड़े किए गए थे, ताकि ले जाने में आसानी हो। इस दौरान पास ही गांव झीवरहेड़ी निवासी रविंद्र सिंह खड़ा था। उसके पास डबल बैरल की 12 बोर की बंदूक और 10 कारतूस बरामद हुए। वहीं कांसापुर निवासी मुनीर खान के पास खून से सने तीन चाकू मिले, जबकि गांव रटौली निवासी मनोज कुमार के पास से बैटरी, मोबाइल फोन मिला। बोलेरो कार चालक कांसापुर निवासी जमशेद अली और आरिफ भी मौके पर थे। टीम ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। पांचों के खिलाफ पर्यावरण कोर्ट में केस चलाया गया। गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद सभी को जमानत मिल गई। न्यायाधीश प्रचेता सिंह की कोर्ट में पांचों के खिलाफ 16 मार्च को आरोप सिद्ध हुए। जिस पर कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया। कोरोना संक्रमण के चलते आगे कार्रवाई नहीं हो पाई। अब कोर्ट ने उन्हें तीन साल जेल और दस हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है। कलेसर के वन राजिक अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पांचों आरोपियों पर कलेसर नेशनल पार्क और सेंचुरी एरिया में शिकार करने पर विभागीय सहित वन्य प्राणी संरक्षण की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।