संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा में आया भूचाल अब कांग्रेस व बहुजन समाज पार्टी तक पहुंच गया है। भाजपा में नेताओं के बागी होने का सिलसिला जारी है। भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व प्रत्याशी दाता राम ने शनिवार को बिलासपुर के आंबेडकर भवन में समर्थकों के साथ बैठक करने के बाद पार्टी को छोड़ दिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान दाता राम रोने भी लगी। इसके अलावा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र चावला ने भाजपा को अलविदा कह दिया।
एक ही दिन में अगला झटका कांग्रेस को हलका साढौरा से लगा। कांग्रेस की ओर से साढौरा से मौजूदा विधायक रेनू बाला को दोबारा प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के समर्थक वरिष्ठ नेता बृजपाल छप्पर और उनकी पत्नी पिंकी छप्पर दोनों ने पार्टी छोड़ कर बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर ली। बृजपाल छप्पर के पार्टी ज्वाइन करने की भनक लगते ही साढौरा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे जिला प्रभारी राजेश कटारिया ने भी अपने पद व पार्टी की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया। इसके बाद बसपा जिला सचिव शिव कुमार व बसपा नेता जगजीत सिंह ने भी पार्टी छोड़ दी।
साढौरा (आरक्षित) सीट से भाजपा ने तीसरी बार पूर्व विधायक बलवंत सिंह को प्रत्याशी बनाया है। इसके विरोध में दाता राम ने बिलासपुर के आंबेडकर भवन में समर्थकों की बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दाता राम फफक-फफक कर रो पड़े। समर्थकों ने उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान एक कमेटी का भी गठन किया गया, जो यह निर्णय लेगी कि दाता राम आजाद चुनाव लड़ेंगे या फिर किसी अन्य दल को समर्थन देंगे।
दाता राम ने 2005 में व 2009 में भाजपा की टिकट पर साढौरा से चुनाव लड़ा था। 2014 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इनेलो छोड़ कर भाजपा में शामिल होने पर भी पूर्व विधायक बलवंत सिंह का दाता राम ने विरोध किया था। तब पूर्व सीएम मनोहर लाल ने उन्हें मना लिया था। दाता राम भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री व जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
हमारा कसूर तो बताओ : बृजपाल
कांग्रेस की लिस्ट में जैसे ही साढौरा की मौजूदा विधायक रेनू बाला का नाम आया तो बृजपाल छप्पर के आवास पर रात को ही समर्थक जुटने लगे थे। रात को ही बृजपाल छप्पर से बसपा नेताओं ने बात की।
शनिवार सुबह उन्होंने आवास पर समर्थकों की बैठक बुलाई। बैठक बृजपाल छप्पर ने कहा कि वह कांग्रेस में 11 साल से एक ही नेता का नाम लेकर कांग्रेस का झंडा उठाकर चलते रहे। बैंकों से लोन लेकर उन्होंने कांग्रेस के लिए काम किया, परंतु कभी अपने नेता का सिर झुकने नहीं दिया। इसी बीच बृजपाल रोने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कोई उन्हें उनका कसूर तो बताए।
कार्यकर्ताओं ने उन्हें साढौरा से चुनाव लड़ने को कहा। दोपहर का बहुजन समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल तिगरा उनके आवास पर पहुंचे और बृजपाल व पिंकी छप्पर को बसपा ज्वाइन कराई। धर्मपाल तिगरा ने बताया कि बृजपाल छप्पर साढौरा से बसपा-इनेलो गठबंधन के प्रत्याशी होंगे। बृजपाल के साथ कांग्रेस ने अन्याय किया है।
बसपा नेताओं ने बेचे टिकट : राजेश कटारिया
बसपा जिला प्रभारी राजेश कटारिया साढौरा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। कटारिया ने अपने त्यागपत्र में कहा कि आज बसपा साहब कांशी राम के मिशन मूवमेंट वाली बसपा नहीं रही। बसपा को शायद ईमानदार कार्यकर्ताओं की जरूरत नहीं है। केंद्रीय प्रभारी रणधीर बैनीवाल व प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल तिगरा ने निजी स्वार्थ के लिए टिकट बेचे। दोनों ने बसपा को बिजनेस पार्टी बनाकर रख दिया है।
टिकट वितरण से असंतुष्ट हूं : देवेंद्र चावला
भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र चावला ने त्यागपत्र में कहा कि मैंने पार्टी की पूरी निष्ठा से सेवा की। यमुनानगर विधानसभा क्षेत्र में हुए टिकट वितरण से मैं अत्यंत असंतुष्ट और निराश हूं। टिकट आवंटन अनुचित, योग्यता और पार्टी के प्रतिबद्धता सिद्धांतों के विपरीत है। वर्तमान परिस्थितियों में मैं आगे काम करने में सक्षम महसूस नहीं कर रहा हूं।