बिलासपुर। घाड़ क्षेत्र के गांव मुगलवाली को 18 साल बाद महिला सरपंच मिलेगी। चूंकि 1994 के बाद गांव में सरपंच का पद बीसीए महिला के लिए आरक्षित है। गांव में चार राज रानी, कुसुम देवी, उषा रानी, रूकसाना महिला प्रत्याशी गांव की चौधर पाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। ऐसे में मुकाबला रोचक माना जा रहा है। चारों महिला प्रत्याशियों में एक एमए पास भी हैं जबकि दो आठवीं पास। दो महिला प्रत्याशी ने पक्की सहेलियां हैं। महिला प्रत्याशियों के बीच चल रहे कड़े मुकाबले को देखते हुए ग्रामीण मतदाता भी उत्साहित हैं।
गांव में 1500 मतदाता
गांव मुगलवाली की आबादी 2100 है, जबकि यहां 1500 वोट हैं। इन वोटों को पाने के लिए महिला प्रत्याशियों के बीच टक्कर देखने को मिल रही है। चूंकि चुनाव प्रचार में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, क्योंकि दो नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में चारों प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा ठोक रहे हैं। ग्रामीण मोकम सिंह, श्याम लाल, राहुल, संदीप, सरदारी लाल का कहना है पिछले प्लान में गांव के सरपंच का आकस्मिक निधन हो जाने से गांव में विकास कार्य नहीं हो पाए थे। गांव के अधिकतर विकास योजनाएं रुक गई थी। ग्रामीणों को अब भावी उम्मीदवार से यही आशा है कि सरपंच भले ही कोई बने लेकिन वे इस बात का भी ध्यान रखे कि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से मिलें।
तीन किलोमीटर सड़क निर्माण मुख्य मुद्दा
ग्रामीणों के अनुसार गांव मुगलवाली से सफीलपुर तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण मुख्य मुद्दा बना हुआ है। बरसात के सीजन में इस कच्ची सड़क से वाहन तो दूर पैदल भी गुजरना मुश्किल हो जाता है। गांव में पानी निकासी न होने के कारण बरसात के सीजन में गलियों व नालियों का पानी ग्रामीणों के घरों में प्रवेश कर जाता है। कई दिन तक गलियों में कीचड़ जमा रहता है। युवाओं की मांग है कि गांव में खेल स्टेडियम जरूर चाहिए। गांव के सरकारी स्कूल में मेडिकल व नॉन मेडिकल की पढ़ाई शुरू करवाने की भी मांग है। गांव की अधिकतर गलियां कच्ची हैं। ग्रामीण गलियों व फिरनी का निर्माण चाहते हैं। गांव के बुजुर्ग व बच्चों ने गांव में पार्क बनवाने की मांग रखी है।