व्यासपुर। राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला में विद्यार्थियों को नई शिक्षा पद्धति से संबंधित इंटर्नशिप की जानकारी प्रदान की गई। प्राचार्या डॉ. सर्वजीत कौर ने कहा कि सभी विद्यार्थी नई शिक्षा पद्धति के अंतर्गत अलग-अलग विषयों से संबंधित इंटर्नशिप करेंगे। यदि आप इंटर्नशिप नहीं करते तो आपको डिग्री नहीं मिल पाएगी और न ही अगली कक्षा में प्रवेश कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि इसे आपने बोझ नहीं समझना बल्कि इसे कुशलता से करके योग्यता हासिल करनी है। उप प्राचार्य डॉ. रमेश धारीवाल ने कहा कि इस इंटर्नशिप का मुख्य मकसद आप को कॅरियर से संबंधित जानकारी प्रदान करना है और इससे आपको व्यावहारिक रूप से जानकारी मिलेगी और सीखने को मिलेगा। यह इंटर्नशिप सभी के लिए अनिवार्य है।
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इंटर्नशिप की समन्वयक प्रो. आरती अरोड़ा ने विद्यार्थियों को बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके और प्रयोगात्मक रूप से सीख कर समाज में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने इंटर्नशिप के संपूर्ण ढांचे की जानकारी दी तथा कहा कि इसमें विद्यार्थियों को 120 घंटे काम करना होगा। जिसे चार से छह सप्ताह के बीच में पूरा करना होगा। उन्होंने बताया यह इंटर्नशिप सरकारी या गैर सरकारी कार्यालय में भी की जा सकती है।
नई शिक्षा पद्धति कमेटी के संयोजक डॉ. अमित कपूर ने विद्यार्थियों को इंटर्नशिप से संबंधित सारी जानकारी प्रदान की ताकि विद्यार्थी अपनी इंटर्नशिप को अच्छे से कर सकें। मंच संचालन चंचल रानी ने सुचारू रूप से किया। तकनीकी सहायक के रूप में डॉ. सतनाम सिंह ने अपना योगदान दिया।