संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजकीय स्कूलों में चल रहे प्रवेश उत्सव के बाद दाखिलों को लेकर शिक्षा निदेशालय भी सख्त हो गया है। अब तक कितने दाखिले स्कूलों में हो चुके हैं और एक दिन में कितने दाखिले हो रहे हैं, इसकी रिपोर्ट अब स्कूलों को रोजाना भेजनी होगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व सभी बीईओ को आदेश जारी कर दिए हैं।
वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम जारी करने के बाद शिक्षा विभाग ने एक अप्रैल से स्कूलों में प्रवेश उत्सव शुरू कर दिया था। इसका मकसद राजकीय स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला दिलाना है। खासकर पहली कक्षा में। क्योंकि पहले पहली कक्षा के बच्चे प्रमोट होकर दूसरी कक्षा में चले जाते हैं।
ऐसे में पहली कक्षा में बच्चों को दाखिला दिलाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। जिस तरह से पहली कक्षा में बच्चों के दाखिले के लिए अभियान चलाया जा रहा है, उसी तरह प्राइवेट स्कूलों ने भी इसके लिए पूरा जोर लगा दिया। प्राइवेट स्कूलों ने तो पहली कक्षाओं में बच्चों को दाखिल करने के लिए मार्च माह में ही अभियान शुरू हो गया था।
राजकीय स्कूलों में 27 अप्रैल तक पहली कक्षा में 3489 नए दाखिले हो चुके हैं। इसी तरह जिन बच्चों की उम्र छह साल से कम है उनके दाखिले बाल वाटिका में किए जा रहे हैं। बालवाटिका में अब तक 1968 दाखिले हुए हैं। जैसे ही इनकी उम्र छह साल होगी उन्हें पहली कक्षा में दाखिला दिलाया जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार बालवाटिका में खंड सरस्वतीनगर में 193, जगाधरी में 434, बिलासपुर में 322, छछरौली में 571, रादौर में 258 व साढौरा में 190 दाखिले हुए हैं।
रोजाना की ली जा रही रिपोर्ट : शिवकुमार
उप जिला शिक्षा अधिकारी शिवकुमार धीमान ने बताया कि प्रवेश उत्सव शुरू होने के बाद राजकीय स्कूलों में दाखिले का अभियान जोरों पर चल रहा है। अब तक करीब साढ़े 87 हजार दाखिले हो चुके हैं। रोजाना कितने दाखिले हो रहे हैं इसकी रिपोर्ट स्कूलों से लेकर मुख्यालय में भेजी जा रही है।