यमुनानगर। आगामी सीजन में डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण पाने के लिए शुक्रवार को लघु सचिवालय में जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता एसडीएम जगाधरी सोनू राम ने की। बैठक में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में फॉगिंग कराने, लारवा मिलने पर चालान करने तथा डेंगू से बचाव के लिए प्रचार प्रसार करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह व जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने डेंगू की रोकथाम को लेकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कहा गया कि डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए नगर निगम की तरफ से बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया जाता। यदि नगर निगम के कर्मचारी चाहें तो नियमित साफ सफाई करके, गड्ढों में पानी जमा न होने दें तो डेंगू को फैलने से रोका जा सकता है। वार्डों में नगर निगम द्वारा नियमित रूप से फॉगिंग नहीं कराए जाने की भी शिकायत आई, जिस पर एसडीएम सोनू राम ने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि यदि फॉगिंग के लिए खरीदी गई मशीनें खराब हैं तो उन्हें तुरंत ठीक करवा लें। फॉगिंग के लिए दवाई स्वास्थ्य विभाग मुहैया कराएगा। बैठक में यह भी कहा गया कि यदि किसी घर में डेंगू का केस मिलता है तो उस घर के अलावा आसपास के 50 घरों में भी फॉगिंग करनी है। नगर निगम के जो कर्मचारी नए आए हैं उन्हें फॉगिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ट्रेनिंग दी जाएगी। रोडवेज के अधिकारियों से कहा गया कि वह गड्ढों में जमा पानी में डालने के लिए काला तेल मुहैया कराएं। वहीं शिक्षा विभाग को भी डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए सहयोग करने को कहा गया। यह निर्णय लिया गया कि सभी स्कूलों में सुबह प्रार्थना सभा में बच्चों को इन बीमारियों के फैलने के कारण, लक्षण व रोकथाम के उपायों के बारे में बताया जाएगा ताकि घर जाकर वह परिजनों व पड़ोसियों को अवगत करवा सकें। साथ ही आंगनबाड़ी वर्करों को भी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाने का आह्वान किया गया। मौके पर डॉ. विपिन गोंदवाल, डाॅ. विजय परमार, डीएसपी कंवलजीत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।