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Yamuna Nagar News: अमान्य स्कूलों को नोटिस से आगे नहीं बढ़ी कार्रवाई

Wed, 12 Aug 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जिला ​शिक्षा सदन। आर्काइव 
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। निदेशालय की ओर से जिले के 45 अमान्य स्कूलों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद स्कूलों का संचालन जारी है। हैरानी की बात यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय ने स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई करने के बजाय निदेशालय को ही पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए लिखा है।
शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा एवं मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर जिले में अवैध रूप से संचालित स्कूलों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही बंद किए गए स्कूलों की सूची मुख्यालय भेजने को कहा गया था। इसके बावजूद इन स्कूलों पर कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। विभाग ने जून में इन स्कूलों को सात दिन का नोटिस जारी किया था।
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नोटिस की अवधि खत्म होने के बाद भी स्कूलों को बंद नहीं किया गया। जिले में अमान्य स्कूलों में करीब 20 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ऐसे में इन स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि स्कूलों के पास मान्यता नहीं है तो विभाग को समय रहते स्पष्ट कार्रवाई करनी चाहिए।
निदेशालय की सूची के अनुसार छछरौली खंड में दो, रादौर और सरस्वतीनगर में दो-दो, साढौरा में चार, व्यासपुर में छह और प्रतापनगर में पांच स्कूल शामिल हैं। शहर में सबसे अधिक 26 स्कूल बिना मान्यता के बताए गए हैं। पुराना हमीदा कॉलोनी में नौ और जगाधरी शहर में छह ऐसे स्कूल संचालित होने की जानकारी सूची में है।
स्कूल संचालकों से मांगें दस्तावेज : अशोक राणा
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा का कहना है कि निजी स्कूलों को सात दिन का नोटिस दिया जा चुका है। अब स्कूल संचालकों को पर्सनल सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। 15 अगस्त के बाद स्कूलों को बुलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग इन स्कूलों के पोर्टल बंद कर चुका है। स्कूल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके पास मान्यता से संबंधित कोई दस्तावेज है तो उसे विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें। दस्तावेज नहीं मिलने पर संबंधित स्कूल को बंद करने के लिए लिखा जाएगा।
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मेरे कार्यक्षेत्र के केवल चार स्कूल थे। हम तो कार्रवाई के लिए निदेशालय को ही लिख सकते हैं। ज्यादातर स्कूल डीईईओ के अधीन आते हैं। वही इसमें ज्यादा कुछ बता सकते हैं। - प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी, यमुनानगर।
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