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मेहनत से पाया मुकाम, बेटियों ने चमकाया जिले का नाम

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जिला टॉपर आर्शिया का मुंह मीठा करवाते परिवार के सदस्य। - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को दसवीं और 12वीं कक्षाओं का परिणाम जारी किया गया। इसके तहत सुबह 12वीं का तो दोपहर में 10वीं का परिणाम जारी हुआ। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं कक्षा में लड़कियों का दबदबा रहा। दोनों कक्षाओं की छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
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12वीं की परीक्षा में मेडिकल, नॉन मेडिकल, वाणिज्य, कला संकायों में लड़कियों ने बेहतर मुकाम हासिल कर अपने अभिभावकों और जिले का नाम रोशन किया। इस परीक्षा में सलोनी ने नॉन मेडिकल, सिया ने वाणिज्य और आर्शिया ने कला में अच्छे अंक अर्जित कर बेहरीन प्रदर्शन किया। मेधावी छात्राओं ने कड़ी मेहनत व लगन को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि यदि इंसान लक्ष्य निर्धारित करके अपना काम करे तो किसी भी मुकाम पर पहुंचा जा सकता है। टॉपर रही मेधावी छात्राएं भविष्य में आईएएस और इंजीनियर बनकर देश सेवा करना चाहती हैं।
आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं सिया
शहर के मॉडल टाउन निवासी सिया रॉय ने 12 वीं की परीक्षा में वाणिज्य में अच्छी उपलब्धि हासिल की। सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा सिया ने 98.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सिया आईएएस बनना चाहती हैं और आगे की पढ़ाई इसी को केंद्रित करके करेगी। सिया के पिता धर्मेश रॉय व्यापारी और मां पूनम रॉय कॉलेज में गणित की प्राध्यापिका है। सिया ने बताया कि बोर्ड की परीक्षा को लेकर उन्होंने तनाव नहीं लिया, बल्कि ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित किया। इसमें उनकी माता पूनम ने साथ दिया। उन्होंने हर दिन की पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाकर दिया। जब तक दिन का शेड्यूल पूरा नहीं होता था, वह पढ़ाना बंद नहीं करती थी। तनाव कम करने के लिए परिवार को समय देतीं और दोस्तों से बात करती थी।
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सेल्फ स्टेटी पर ज्यादा फोकस किया अर्शिया
शहर के सेक्टर-15 निवासी दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा अर्शिया गोयल ने 12 वीं की परीक्षा में कला संकाय में 96.6 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अर्शिया के पिता मोहित गोयल उद्यमी और मां प्रीति गोयल गृहिणी है। अर्शिया ने बताया कि पढ़ाई का उन्होंने कभी तनाव नहीं लिया। बल्कि पढ़ाई को समय दिया। जो कॉन्सेप्ट मुश्किल रहा उसे दोबारा रिवाइज किया। सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस दिया। उन्होंने परिवार, दोस्तों को भी वक्त दिया। परीक्षा से दो महीने पहले उन्होंने शेड्यूल बनाया और पढ़ाई की। आर्शिया ने कहा कि मेहनत व लगन से इंसान हर चुनौती का सामना भी कर सकता है और निश्चित रूप से सफलता पाता है।
इंजीनियर बनना चाहती हैं सलोनी
बूड़िया रोड स्थित दयाल सिंह पब्लिक स्कूल की छात्रा खारवन निवासी सलोनी ने 12 वीं की परीक्षा में नॉन मेडिकल में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मुकाम हासिल किया। जबकि उसने अलग से कोई कोचिंग नहीं ली। जहां अन्य विद्यार्थी गणित की स्पेशल कोचिंग लेते हैं, वहीं सलोनी ने सेल्स स्टडी से गणित में 95 अंक प्राप्त किए। सलोनी ने बताया कि उसने पढ़ाई का तनाव नहीं लिया। वह इंजीनियर बनना चाहती है। स्कूल में करवाया गया विषय घर आकर पुन: अभ्यास करने का उसने नियम अपनाया। पढ़ाई का तनाव कम करने के लिए प्रकृति से जुड़ी। घर पर बागवानी और पौधों की देखभाल करके मन शांत किया। सलोनी के पिता कर्म सिंह फार्मसिस्ट हैं और मां सुषमा गृहणी हैं।
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