सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर डेढ़ किलोमीटर के अंतराल में हुए दो सड़क हादसों में दो प्रशिक्षु डॉक्टरों समेत पांच युवकों की मौत हो गई, वहीं एक युवक पीजीआई में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
मंगलवार तड़के जोड़ियो गुरुद्वारे के नजदीक ट्राले की टक्कर से स्कॉडा कार में सवार दो प्रशिक्षु डॉक्टरों व एक इंजीनियर की मौत हो गई। वहीं दुर्घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर उत्तराखंड रोडवेज की बस की टक्कर से बाइक सवार दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मरने वालों में एक उत्तराखंड का, दूसरा जगाधरी का, तीसरा कुरुक्षेत्र का और दो युवक करनाल के हैं।
जगाधरी के बुड़िया गेट निवासी वरुण चौहान (24) और उसके दोस्त हरिद्वार के खड़खड़ी मोहल्ला बसंत गली निवासी नमित (24) ने देहरादून के श्री गुरुराम राम मेडिकल रिसर्च सेंटर (एसजीआरआर) से एमबीबीएस की थी और इन दिनों दोनों देहरादून में रह रहे थे। सोमवार को वरुण चौहान की मौसी का लड़का कुरुक्षेत्र के सेक्टर-13 निवासी आदित्य (26) भी वरुण के पास देहरादून गया था। आदित्य ने हाल ही में इंजीनियरिंग की है।
मंगलवार को वरुण और नमित को पंजाब के फिरोजपुर में इंटर्नशिप के लिए पहुंचना था। सोमवार को तीनों देहरादून से कार में सवार होकर जगाधरी वरुण के घर आए। आदित्य को पिपली उतरना था इसलिए वरुण ने सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे से होकर जाने की योजना बनाई। मंगलवार सुबह करीब पौने चार बजे तीनों जगाधरी से फिरोजपुर के लिए स्कॉडा कार में रवाना हुए।
जोड़ियो गुरुद्वारे के नजदीक सामने से आ रहे ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर कार की बाएं तरफ लगी। इससे कार बुरी तरह से पिचक गई और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। चालक ट्रक समेत मौके से भाग गया। हादसे की सूचना मिलने पर फर्कपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उधर, हादसे का पता चलने पर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतकों के परिजनों और शहर के लोगों की भीड़ लग गई। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था।
एमडी की तैयारी कर कर रहे थे दोनों
मृतक नमित के पिता डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि उनका हरिद्वार में क्लीनिक है। उनका बड़ा बेटा भी डॉक्टर है और छोटे बेटे नमित का सपना भी डॉक्टर बनना था। एमबीबीएस करने के बाद वह एमडी की तैयारी कर रहा था। वहीं वरुण भी एमबीबीएस के बाद एमडी करना चाहता था।
पिता का सपना था कि बेटा डॉक्टर बने
मृतक वरुण के पिता विजय पाल बिजनेस मैन हैं। जगाधरी में उनकी प्लाइवुड फैक्ट्री है। दो दिन पहले विजयपाल व अन्य परिजन बनारस गए थे। वरुण के भाई रुद्रप्रताप एडवोकेट हैं। परिजनों ने बताया कि वरुण के पिता विजयपाल का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने। अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए उसने एमबीबीएस की थी।
ट्रक चालक फरार, किसी ने नहीं देखा
हादसा अल सुबह करीब सवा चार बजे हुआ लेकिन किसी ने हादसा होते हुए नहीं देखा। क्षतिग्रस्त कार को देख यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सामने से ट्रक आता देख कार चालक ने कार को एक साइड में करने के लिए मोड़ दिया। इसके बाद भी ट्रक ने कार को साइड से टक्कर मार दी और कार को काफी दूर तक घसीटता हुए ले गया।
हादसे में तीनों युवकों ने मौके पर दम तोड़ दिया। अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अज्ञात वाहन के बारे में पता किया जा रहा है।
दयाल चंद, एसएचओ, थाना फर्कपुर।
बस की टक्कर से दो की मौत, एक गंभीर
सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर गांव औरंगाबाद के पास उत्तराखंड रोडवेज की बस की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बस चालक की तलाश शुरू की दी है।
करनाल के जाटो गेट, लाडो बगड़ी मोहल्ला निवासी विरेंद्र (23), उसका चचेरा भाई संदीप (28) और पड़ोसी नरेंद्र उर्फ चीकू (25) सोमवार देर शाम घर से निकले थे।
बताया जा रहा है कि देर रात वे किसी काम से यमुनानगर की तरफ आ रहे थे। रात करीब 12 बजे सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर औरंगाबाद के नजदीक देहरादून से दिल्ली जा रही उत्तराखंड रोडवेज की बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चालक बस समेत मौके से भाग गया। राहगीरों की मदद से घायलों को ट्रामा सेंटर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने संदीप कुमार को मृत घोषित कर दिया। विरेंद्र व नरेंद्र की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पीजीआई में नरेंद्र की भी मौत हो गई। घायल विरेंद्र की हालत गंभीर बताई जा रही है।
आधार कार्ड से हुई शिनाख्त
पुलिस को मृतक संदीप की जेब से आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड में लिखे पते के आधार पर पुलिस ने करनाल पुलिस से संपर्क किया। बताए गए पते पर देर रात करीब अढ़ाई बजे करनाल पुलिस ने परिजनों को सूचित किया।
तीन बहनों का इकलौता भाई था संदीप
घायल विरेंद्र के पिता चरणदास ने बताया कि मृतक संदीप कुमार के पिता सतपाल बिजली बोर्ड में जेई थे। पिछले साल उनकी भी आकस्मिक मौत हो गई थी। संदीप के तीन बहने हैं और वह उनका इकलौता भाई था। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी संदीप पर थी।
मृतक संदीप के चाचा चरणदास की शिकायत पर उत्तराखंड रोडवेज बस के चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है। चालक की तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एसआई सुरेश कुमार, जांच अधिकारी, थाना सदर यमुनानगर।