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बोरिंग की वेल्डिंग करने गड्ढे में उतरे मजदूरों पर ढही मिट्टी, एक की मौत, दूसरा गंभीर

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accident - फोटो : Yamuna Nagar
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हैफेड के गोदाम में बोरिंग के लिए दस फीट गहरे गड्ढे में उतर कर वेल्डिंग कर रहे दो मजदूर मिट्टी ढ़हने से दब गए। जिससे एक की मौत हो गई। जिसकी दूसरे की हालत गंभीर है। इस दौरान आसपास के लोगों ने दोनों को बड़ी मशक्कत के बाद निकाला। गोदाम में ट्यूबवेल लगाने के लिए बोरिंग किया जा रहा था। जिसके लिए दोनों मजदूर वेल्डिंग करने दस फीट गड्ढ़े में उतरे थे। इसी दौरान दोनों पर गड्ढे से निकाली मिट्टी गिर गई। जिससे दोनों दब गए।
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हैफेड के गोदाम में नया ट्यूबवेल लगाया जा रहा है। जिसकी बोरिंग का काम चल रहा है। बोरिंग में डाले जाने वाले लोहे के पाइप टूट गए थे। जिसके लिए साढ़ौरा निवासी वेल्डर 25 वर्षीय मुकेश व अमन को बुलाया गया था। बोरिंग के पाइप दस फीट नीचे थे, जिसके लिए वेल्डिंग नीचे उतर कर करनी थी। जिसके लिए बोरिंग के गड्ढे के साथ ही एक और 10 फीट का गड्ढ़ा खोदकर मुकेश और अमन वेल्डिंग करने उतर गए। जब दोनों वेल्डिंग कर रहे, तभी बोरिंग से पानी का रिसाव तेज होने लगा और देखते ही देखते निकाली गई मिट्टी उन पर ढ़ह गई। दोनों उसी में दब गए। आसपास के लोगों ने देखा तो तुरंत मदद के लिए भागे और भारी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। दोनों को कस्बे के सीएच सेंटर ले गए। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को यमुनानगर ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर पहुंचने पर चिकित्सकों ने मुकेश को मृत घोषित कर दिया। जबकि अमन की हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ मौका मुआयना किया। वहीं मुकेश का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जगाधरी की मोर्चरी में रखवा दिया है।
बोरिंग करते समय हादसा होने की संभावना बनी रहती है। इससे पूर्व भी प्रदेश में कई मामले सामाने आ चुके हैं। बावजूद इसके इसके लिए सुरक्षा बंदोबस्त नहीं किए जाते हैं। सोमवार को हैफेड के गोदाम में भी यही हुआ। गड्ढ़ा खोद दिया गया, मजदूर नीचे उतर कर काम कर रहे थे। लेकिन उनके पास सुरक्षा का कोई उपकरण नहीं था। न तो मजदूरों के हाथ में दस्ताने और न ही सिर पर हेलमेंट था। यही नहीं ऐसे हादसों से निपटने के लिए कोई फौरी प्रबंध भी नहीं किया गया था। लोगों का कहना है कि इन्हीं लापरवाहियों के कारण यह हादसा हुआ।
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काम हैफेड के गोदाम में चल रहा था। जहां प्रशासन के अधिकारी बैठते हैं। हालांकि ट्यूबवेल ठेकेदार लगा रहा था। लेकिन यहां सुरक्षा बंदोबस्त न होने की अधिकारियों को भी खबर थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद अब अधिकारी अपनी साख बचाते नजर आ रहे हैं और हादसे पर शोक जता रहे हैं।
मिट्टी ढ़हने से मुकेश और अमन नीचे दब गए। जब हाथ पैर चलाने शुरू किए तो और मिट्टी गिर गई। वहीं पानी लीक होने से वहां कीचड़ बनने लगा। जिसमें दोनों फंस कर रहे गए। मिट्टी इतनी ज्यादा थी कि दोनों मदद के लिए भी नहीं पुकार सके। लोगों ने बाहर से जब उन्हें पुकारा तो अंदर से कोई आवाज और हलचल न दिखी।
साढ़ौरा निवासी मुकेश के बारे उसके परिचित बताते हैं कि वह एक होनहार काबिल युवक था। परिवार का ध्यान रखने के साथ अन्य सभी से उसके अच्छे संबंध थे। बेहद मधुर स्वभाव के मुकेश की शादी एक साल पहले हुई थी। जबकि दो महीने पहले ही उसके घर में खुशियां आईं थीं, जब वह पिता बना था। अब दो महीने के बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है। वहीं पति व मां का रो रो कर बुरा हाल हो गया है। दोनों हर आवाज में मुकेश का नाम पुकार रही हैं।
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