नेशनल हाईवे 344 पर कैल कलानौर बाईपास के मंडौली मोड़ के सामने शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद कार दंपती को लगभग 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। इसके बाद हाईवे खेतों में पलट गई। हादसे में कैत गांव निवासी कर्ण सिंह (38) और उनकी पत्नी रीटा देवी (35) की मौके पर ही मौत हो गई। कर्ण सिंह अपनी पत्नी के साथ बहन के घर गांव झगूड़ी जा रहा थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मामले में आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैत निवासी राजकुमार ने यमुनानगर सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बालाजी इंस्टीट्यूट सरसावा से वकालत की पढ़ाई कर रहा है। शुक्रवार को उसका चाचा कर्ण सिंह (38) व चाचा रीटा देवी सवार होकर अपने गांव कैत से गांव झगूड़ी जा रहे थे। झगूड़ी में कर्ण सिंह की बहन रहती है। सुबह करीब साढ़े दस बजे जब उसके चाचा कर्ण सिंह नेशनल हाईवे 344 के कैल कलानौर बाइपास पर मंडौली मोड पर खान चाय वाला के पास पहुंचे तो सामने से एक होण्डा अमेज कार तेज गति से आई और चालक ने लापरवाही से तेज रफ्तार कार को चलाते हुए सीधी टक्कर उनकी बाइक में मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक काफी दूर तक घसीटती गई। वहीं दंपती कार के आगे फंस गए। इसके बाद कार उसके चाचा चाची को घसीटती हुई काफी दूर तक ले गए। लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर जाकर उसके चाचा चाची को कुचलते हुए कार हाईवे किनारे जीरी व गन्ने के खेत में पलट गई। हादसे के बाद हाईवे पर लोगों की भीड़ लग गई। वह भी मौके पर पहुंच गया। उसने अपने घायल चाचा-चाची को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने उन दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया।
नेशनल हाईवे पर कार की तेज रफ्तार ने कर्णसिंह के हंसते खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी। कर्णसिंह व रीटा देवी अपने पीछे 12 साल का बेटा और आठ साल की बेटी छोड़ गए हैं। दोनों बच्चे स्कूल में पढ़ते है। मेहनत मजदूरी करके कर्णसिंह परिवार का पालन पोषण करता था। छोटा सा यह परिवार हंसता खेलता रहा था। लेकिन इस हंसते खेलते परिवार की खुशियां शुक्रवार को दंपती की मौत से उजड़ गई।
परिजनों ने बताया कि दो माह पहले कर्ण की भाभी की मौत हो गई। उसके भी दो बच्चे है। मां का साया उठने के बाद अब कर्ण की पत्नी रीटा अपने बच्चों के साथ साथ उनकी भी देखभाल करती थी। मां की तरह दोनों बच्चों को रखती थी। दो माह पहले जहां बच्चों की मां चल बसी थी, वहीं अब रीटा की मौत से चारों बच्चों से मां की ममता छीन गई।