गांधी नगर फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आने से 26 वर्षीय अध्यापिका की मौत हो गई। अध्यापिका कान में ईयर फोन लगाकर रेलवे लाइन क्रॉस कर रही थी। फाटक पर तैनात कर्मी ने उसे ट्रेन आने को लेकर आवाज भी लगाई। लेकिन उसने नहीं सुना। देखते ही देखते ट्रेन ने उसे चपेट में ले लिया। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। सूचना पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
कुलदीप नगर चांदपुर निवासी हरमिन्द्र कौर कैंप के हरिओम स्कूल में अध्यापिका थी। सोमवार दोपहर बाद वह छुट्टी के बाद घर लौट रही थी। जैसे ही उसने गांधी नगर फाटक पार किया और डाउन लाइन से अपने घर की ओर जा रही थी। इस दौरान उसने कान में ईयर फोन लगाया हुआ था। फाटक पर तैनात कर्मी गौरव व चश्मदीद राम श्री ने उसे कई आवाजें लगाई, लेकिन कान में लीड होने के कारण वह सुन नहीं पाई।
सवारी गाड़ी 64502 वर्कशाप से यमुनानगर-जगाधरी की ओर जा रही थी। इसी ट्रेन ने उसे पीछे से टक्कर मारी। वह बाई ओर गिर गई और सिर पर चोट आने से मौत हो गई। यदि महिला दाईं और गिरती तो शायद ही शरीर का कोई हिस्सा बचता। उधर हादसे के बाद भी लोग बेपरवाह लाइन पर गुजरते नजर आए। इस और जागरूकता नजर नहीं आई।
ट्रेन की चपेट में आई हरमिन्द्र कौर की मौत से करीब 10-12 दिन पहले ही उसकी दादी अतर कौर बीमारी के चलते निजी अस्पताल में भर्ती थी। सोमवार को उसकी भी मौत हो गई। परिवार को हरमिन्द्र कौर की मौत की सूचना भी अस्पताल में ही मिली। मौत की सूचना मिलने के बाद पड़ोसी और रिश्तेदार उनके घर पर इकट्ठी हो गए। यहां पर बड़ी असमंजस थी कि इस दु:ख के मौके पर क्या किया जाए। हरमिन्द्र के शव को तो जीआरपी अस्पताल ले गया था। वहीं अतर कौर (71) को घर लाने की बात कही जा रही थी। मृतका की शादी अंबाला में हुई थी।