साढौरा रोड पर हुए हादसे में क्षतिग्रस्त कार
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अजीजपुर कलां से बिलासपुर में दवाई लेने आ रहे कार सवार पिता-पुत्र की बजरी से भरे ट्रक की टक्कर लगने से मौत हो गई। जबकि कार की पिछली सीट पर बैठी तीन साल की बच्ची बाल बाल बच गई। हादसा बिलासपुर-साढौरा रोड पर भीलछप्पर अड्डा के पास हुआ। तेज रफ्तार ट्रक काफी दूूर तक कार को घसीटता हुआ ले गया। हादसे के बाद हुई पिता व भाई की मौत के बाद अमेरिका में रह रहे छोटे भाई ने वीडियो कॉल कर उनके अंतिम दर्शन किए, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक पर केस दर्जकर लिया है।
अजीजपुर कलां निवासी पवन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बिलासपुर में साहिल आटो रिपेयर के नाम से दुकान है। रविवार को उसका चाचा रणजीत सिंह (52) व चाचे का लड़का संदीप कुमार (27) व संदीप कुमार की तीन साल की बेटी ऊरवी अपनी कार में सवार होकर दवाई लेने के लिए बिलासपुर के लिए घर से चले थे। कार संदीप चला रहा था, उसका चाचा रणजीत कार की अगली सीट पर बैठा था व भतीजी ऊरबी कार की पिछली सीट पर बैठी थी। सढौरा बिलासपुर रोड पर जब उनकी कार गांव भीलछप्पर अड्डा से थोडा आगे पहुंची तो उसी समय बिलासपुर की तरफ से बजरी से भरा हुए तेज रफ्तार एक ट्रक आया। ट्रक पर यूपी का नंबर था। आरोप है कि चालक ने तेज रफ्तार व लापरवाही से ट्रक चलाते हुए संदीप की कार में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद ट्रक कार को काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में कार के परखचे उड़ गए और कार चालक संदीप व उसके पिता रणजीत सिंह कार में बुरी तरह घायल होकर फंस गए। पिछली सीट पर छोटी बच्ची बुरी तरह से रो रही थी और सहमी हुई थी। गनीमत यह रही कि बच्ची को एक भी खरोच नहीं आई। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ लग गई। लोगों ने बड़ी मुश्किल से घायलों को कार से निकाला। संदीप की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। रणजीतसिंह की सांस अभी चल रही थी। सूचना पाकर हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों घायलों को बिलासपुर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने संदीप की मौत होने की पुष्टि की, जबकि रणजीत सिंह को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। परन्तु रणजीसिंह ने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए। पुलिस ने मामले में आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
क्षतिग्रस्त कार में फंसे दोनों बाप बेटा, खिड़कियां तोड़कर निकाले बाहर: टक्कर लगने से कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। अगला हिस्सा काफी पीछे तक सिमट गया। जिसमें कार की अगली सीट पर बैठे संदीप व उसके पिता रणजीत सिंह घायल होकर बुरी तरह फंस गए। घायल होते ही दोनों अचेत हो गए। मौके पर पहुंचे राहगिरों ने पहले रो रही बच्ची को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों पिता पुत्र को निकालने का प्रयास किया, लेकिन दोनों क्षतिग्रस्त हुई कार में फंस गए थे। जिसके बाद राहगिरों ने कार की खिड़कियां तोड़कर बड़ी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाला। लेकिन तब तक संदीप की मौत हो चुकी थी।
रणजीत सिंह दूध का काम करते थे, जबकि उसका बड़ा बेटा संदीप खेती करता था। छोटा बेटा प्रदीप अमेरिका में नौकरी करता है। पिता व भाई की मौत की सूचना पर अमेरिका में रह रहे प्रदीप भी रोने लगा। लेकिन वह यहां नहीं आ पाया। प्रदीप ने वीडियो कॉल कर अपने पिता व भाई के अंतिम दर्शन किए। जिसके बाद दोनों का गांव अजीजपुर में अंतिम संस्कार किया गया।
जांच अधिकारी एसआई मंशा राम ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर वे पुलिस बल के साथ मौके पर गए थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में अज्ञात ट्रक चालक पर केस दर्जकर लिया है। नंबर के आधार पर चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।