फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं की फसल का 800 करोड़ रुपये किसानों को जारी करें सरकार

विज्ञापन
जानकारी देते भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर व अन्य। - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
यमुनानगर मंडियों में आढ़तियों को सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूं की फसल का कोई भुगतान नहीं किया गया। जिससे आढ़तियों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। जिसका सीधा असर किसानों पर हो रहा है। यह खामियाजा किसान और आढती दोनों को भुगतना पड़ रहा है। यह बात भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कही। उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले की सभी मंडियों में लगभग 800 करोड़ के आसपास सरकारी गेहूं खरीद एजेंसियों के पास आढ़तियों का बकाया पैसा रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल को सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद शुरू की गई थी। 21 अप्रैल की ही पेमेंट हुई।उसके बाद सारी पेमेंट रोक ली गई है। सरकार ने जो 72 घंटे मे पेमेंट करने का वायदा किया था, वह खोखला साबित हुआ। आढ़तियों की गेहूं पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया। जिससे आढती किसानों को भुगतान नहीं कर रहे हैं। प्रदेश का किसान पहले ही बेमौसमी बरसात व करोना बीमारी की मार झेल रहा है। ना ही किसानों को मुआवजा दिया गया और ना ही किसान को फसल की पूरी कीमत दी जा रही है। गेहूं की फसल तैयार करने में किसान की इतनी ताकत नहीं लगी जितनी किसान को अपनी गेहूं बेचने में लग रही है। इस बार लगातार बेमौसमी बरसात से किसानों की गेहूं, सब्जी, हरा चारा और भूसा सब बर्बाद हो गया है। जब किसान गेहूं मंडी में फसल बेचने जाता है तो वहां पर किसानों को बड़ा परेशान किया गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों का ट्यूबवेल और घरों के बिजली के बिल तीन महीनों के माफ किया जाए और किसानों का कर्जा माफ किया जाए। खाद और कीटनाशक दवाइयां किसानों को मुफ्त दी जाए। उन्होंने कहा कि अगर 15 मई तक एजेंसियों द्वारा गेहूं की पेमेंट नहीं की गई तो 15 मई को अनाज मंडी रादौर में मंडी जिला कार्यकारिणी तथा भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें