फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: अब टीबी जांच से अल्ट्रासाउंड तक के लिए आभा आईडी अनिवार्य

Thu, 15 Jan 2026 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब टीबी जांच से लेकर अल्ट्रासाउंड और अन्य कई मेडिकल सेवाओं के लिए आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) का होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम मरीजों की बेहतर देखभाल और उनके मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विज्ञापन

ऐसे में आभा आईडी में प्रत्येक व्यक्ति का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में दर्ज होगा। इसमें मरीज की बीमारियों का इतिहास, इलाज की जानकारी, जांच रिपोर्ट और दवाइयों का विवरण शामिल होगा। आभा आईडी नंबर डालते ही डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकते हैं। इससे न केवल इलाज में समय की बचत होगी, बल्कि मरीज को सही और सटीक उपचार देने में भी मदद मिलेगी।
9,06,742 लोगों की आभा आईडी बनी
जिले में आभा आईडी बनाने का अभियान लगातार जारी है। सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर लोगों की आईडी बनाई जा रही है। आंकड़ों के अनुसार जिले की कुल आबादी 13,85,375 है, जिसमें अब तक 9,06,742 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। वहीं, 4,78,633 लोगों की अभी भी आईडी बनवाना बाकी है। इस डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से न केवल मरीज को राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आभा आईडी बनाने में कोई परेशानी होने पर लोग हेल्थ केंद्रों में जाकर मदद ले सकते हैं। इस कदम से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।
विज्ञापन


आभा आईडी क्या है
आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) एक डिजिटल पहचान नंबर है, जो हर नागरिक के लिए बनाया जाता है। इसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर व्यक्ति के लिए बनाया जाता है ताकि उसकी सभी स्वास्थ्य जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहे। इस आईडी में दर्ज रहता है बीमारी और इलाज की पूरी जानकारी, टेस्ट और जांच की रिपोर्ट (जैसे टीबी जांच, अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट आदि), दवाइयों का रिकॉर्ड तथा अस्पतालों में हुई विजिट और इलाज की जानकारी आदि।

आभा आईडी क्यों जरूरी है?
-किसी भी जांच या इलाज में डॉक्टर को तुरंत मरीज की पिछली मेडिकल जानकारी मिल जाएगी। मरीज को बार-बार रिपोर्ट लेकर जाने की जरूरत नहीं। डॉक्टर मरीज की पुरानी बीमारियों, एलर्जी और दवाइयों का रिकॉर्ड देखकर सही दवा और उपचार दे सकते हैं। इससे गलत इलाज की संभावना बहुत कम हो जाती है। पूरे भारत में स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल होने से मरीज को किसी भी अस्पताल या राज्य में इलाज के लिए आसानी होती है।स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन भी सरकारी और निजी अस्पतालों में बेहतर और व्यवस्थित हो जाता है। आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए आभा आईडी होना जरूरी है। कैशलेस इलाज और अस्पताल रेफरल सिस्टम में भी यह आईडी काम आती है।

वर्जन
जल्द ही पूरे जिले में हर नागरिक की आभा आईडी तैयार हो जाएगी। इसके बाद किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज को बार-बार अपने पुराने मेडिकल रिकॉर्ड लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही दूसरे शहर या राज्य में इलाज के दौरान भी डॉक्टर मरीज की पिछली मेडिकल जानकारी एक क्लिक में देख पाएंगे।
विज्ञापन

-डॉ. वागीश गुटेश, नोडल अधिकारी, आयुष्मान। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें