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Yamuna Nagar News: एक साल बाद खुला लकड़ी की ठगी फर्जीवाड़ा, दो करोड़ तक पहुंच सकती है रकम

Thu, 26 Mar 2026 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। लकड़ी व्यापार में सामने आए करोड़ों की ठगी के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपी मार्च 2025 से ही कारोबारियों को चपत लगाकर फरार हो चुके थे। शुरुआत में एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी सामने आई थी, लेकिन अब यह रकम बढ़कर दो करोड़ रुपये से भी अधिक तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने पहले व्यापारियों का विश्वास जीता और नियमित लेनदेन के जरिए अपनी साख बनाई। इसके बाद धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में लकड़ी उठानी शुरू की, लेकिन भुगतान करने में टालमटोल करते रहे। कारोबारियों को उम्मीद दिलाई जाती रही कि जल्द ही उनका पैसा दे दिया जाएगा, जिसके चलते व्यापारी लंबे समय तक इंतजार करते रहे।
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मार्च 2025 से ही फरार थे आरोपी, भरोसे में रखकर टालते रहे भुगतान
जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले साल मार्च 2025 में ही फैक्टरी बंद कर फरार हो गए थे। इसके बावजूद वे बीच-बीच में संपर्क में रहकर व्यापारियों को भरोसा दिलाते रहे कि उनका भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। इसी भरोसे में आकर कई कारोबारियों ने कानूनी कार्रवाई करने में देरी की। पीड़ित कारोबारियों का कहना है कि वे करीब एक साल तक अपनी रकम मिलने की उम्मीद लगाए बैठे रहे। कई बार आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। जब लगातार आश्वासन के बावजूद पैसा नहीं मिला तो आखिरकार उनका सब्र टूट गया और उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
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पर्चियों और बिलों की गिनती में जुटी पुलिस
उधर, पुलिस अब इस मामले में तेजी से जांच कर रही है। कारोबारियों द्वारा दी गई बिलों और कांटा पर्चियों की गिनती की जा रही है, ताकि ठगी की सही राशि का आकलन किया जा सके। शुरुआती जांच में जहां एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी सामने आई थी, वहीं अब यह आंकड़ा दो करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मां शताक्षी टिंबर के प्रोपराइटर भूप सिंह ने थाना सदर यमुनानगर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म विधिवत पंजीकृत है और वह लंबे समय से लकड़ी का कारोबार कर रहे हैं। किसान उनके पास लकड़ी बेचने आते हैं, जिसे आगे प्लाईवुड फैक्ट्रियों में सप्लाई किया जाता है। इसी क्रम में उनका संपर्क गांव पांसरा, रायपुर रोड स्थित ओमसियन इंडस्ट्रीज से हुआ। भूप सिंह के अनुसार, उन्होंने उक्त फर्म को बड़ी मात्रा में लकड़ी सप्लाई की। इसके बिल और कांटा पर्चियां उनके पास सुरक्षित हैं। शिकायत में बताया गया है कि फर्म की प्रोपराइटर निशा नवलबा (बेटी प्रकाश जैन) है, जबकि प्रकाश जैन लंबे समय से प्लाईवुड कारोबार से जुड़े हैं। आरोप है कि प्रकाश जैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत यह ठगी की। पहले व्यापारियों से माल लिया गया और बाद में भुगतान से बचने के लिए फैक्टरी बंद कर दी गई।
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उधर, जांच अधिकारी प्रदीप ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिन लकड़ी कारोबारियों से फर्जीवाड़ा हुआ है, और जो बिल और कांटा पर्चियां मिली हैं, उनकी गिनती की जा रही है। इसके अलावा आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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