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Yamuna Nagar News: आठ साल से सूखे पड़े नाले पर 31.80 लाख रुपये से डाली जाएगी स्लैब

Mon, 13 Jul 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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शहर में ईएसआई अस्पताल के बाहर बना नाला। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए आठ पहले बनाया गया नाला सूखा पड़ा है। इस नाले में कभी पानी नहीं आया। अब नगर निगम प्रशासन 31.80 लाख रुपये खर्च कर नाले पर स्लैब डालने की तैयारी में है। शहीद भगत सिंह चौक से ईएसआई अस्पताल तक नाले के खुले हिस्से को ढकने के लिए निगम ने दूसरी बार निविदा आमंत्रित की गई है।
निगम की ओर से इस नाले का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बरसाती पानी की निकासी के उद्देश्य से बनाया था। हालांकि निर्माण के बाद से ही इसकी डिजाइन और कार्यप्रणाली को लेकर विवाद है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि अभी तक इस नाले से प्रभावी रूप से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो सकी।
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आरोप है कि नाले की चौड़ाई अलग-अलग स्थानों पर अलग रखी गई, जिससे पानी के प्रवाह में बाधा आती है। इसके अलावा नाले का स्तर सड़क से काफी ऊंचा बना दिया गया है। ऐसे में सड़क पर जमा होने वाला वर्षा का पानी स्वाभाविक ढंग से नाले में प्रवेश ही नहीं कर पाता। परिणामस्वरूप हर बारिश में सड़क किनारे जलभराव की स्थिति बन जाती है और राहगीरों तथा वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि नाले को शहर की मुख्य जल निकासी प्रणाली से प्रभावी ढंग से नहीं जोड़ा गया है। इसी कारण बरसाती पानी का समुचित निकास नहीं हो पाता। नाले की डिजाइन, सफाई और उपयोगिता का मुद्दा कई बार सार्वजनिक मंचों पर भी उठ चुका है।
कष्ट निवारण समिति की बैठक उठ चुका मामला
पूर्व पार्षद संगीता सिंघल और पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर पवन कुमार बिट्टू इस मामले को कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठा चुके हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नाला अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाया। बिट्टू का कहना है कि यदि नाले को मुख्य निकासी तंत्र से वैज्ञानिक तरीके से नहीं जोड़ा गया और उसकी डिजाइन में आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो केवल स्लैब डालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। पूर्व पार्षद संगीता सिंघल का कहना है कि यह नाला किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है। इस नाले में कभी पानी आया ही नहीं। इसका डिजाइन करने करने वालों में कार्रवाई होनी चाहिए थी।
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इस नाले पर कई जगह स्लैब नहीं है। कोई हादसा न हो और इसमें गंदगी न जाए, इसलिए इसे सभी जगह से कवर करना जरूरी है। निविदा प्रक्रिया चल रही है। - विकास धीमान, एक्सईएन, नगर निगम।
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