संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में पश्चिमी यमुना नहर के किनारे नगर निगम ने जल्द ही रिवर वाटर फ्रंट का निर्माण कराएगा। इसके लिए निगम ने 10.35 करोड़ रुपये की निविदा जारी कर काम आवंटित कर दिया है। साढ़े चार किलोमीटर लंबे रिवर वाटर फ्रंट का निर्माण दिव्य नगर योजना के तहत शहर के ओपी जिंदल पार्क के पीछे से फतेहपुर पुल तक पश्चिमी यमुना नहर के किनारे किया जाएगा।
नगर निगम ने इसके लिए ई-टेंडर आमंत्रित किए थे, जिसमें आठ एजेंसियों ने भाग लिया था। सात एजेंसियां इस कार्य के लिए योग्य पाई गई। एजेंसी फाइनल होने के बाद इसे स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री को भेजा गया था। वहां से अब इसे मंजूरी मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तहत पश्चिमी यमुना नहर किनारे ओपी जिंदल पार्क के पीछे से आजाद नगर, चिट्टा मंदिर से पटरी पर यह रिवर वाटर फ्रंट बनाया जाएगा।
इसमें लगभग 600 मिली मीटर चौड़ा लैंडस्केप एरिया, 2000 मिमी चौड़ा फुटपाथ, पानी निकासी के लिए नाली, 1050 मिमी ऊंची पत्थर की दीवार पर 1200 मिमी ऊंची बाड़ लगाने वाली जाली लगेगी। चौड़ी सड़क व फुटपाथ के साथ फेंसिंग, उद्यान, बैठने के लिए सुंदर व आकर्षक डिजाइन के बैंच, फैंसी लाइटिंग, हरियाली व अन्य व्यवस्था की जाएगी।
नहर किनारे रिवर फ्रंट विकसित होने से शहर को एक नया रूप मिलेगा। लोगों को नहर किनारे आनंद सैर सपाटे का मौका मिलेगा। यह शहरवासियों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन और आनंद का साधन भी होगा। नहर के आसपास के क्षेत्र को हरा-भरा और सुंदर बनाया जाएगा।
रिवर वाटर फ्रंट पर सड़क, फुटपाथ व पत्थर की दीवार बनने के साथ-साथ फैंसी डेकोरेटिव लाइट भी लगेगी। ताकि रास्तों और सड़कों पर उचित प्रकाश की व्यवस्था से रात के समय दृश्यता सही रहे। इससे अपराध और दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। आसपास के लोग यहां व्यायाम, सैर, दौड़ लगाने व दिनचर्या के अन्य कार्य कर सकेंगे।
रिवर फ्रंट से गंदा होने से बचेगा नहर का पानी
रिवर वाटर फ्रंट का निर्माण होने से पश्चिमी यमुना नहर को भी गंदा होने से बचाया जा सकेगा। रिवर फ्रंट के लिए निर्धारित जगह के आसपास आजाद नगर, चिट्टा मंदिर रोड, शांति कॉलोनी समेत विभिन्न रिहायशी कॉलोनियां हैं। आसपास के लोग अपने घरों का सारा कूड़ा नहर किनारे डाल देते हैं। इसके अलावा बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जो पूजन सामग्री को सीधे नहर में प्रवाहित कर देते हैं। इसका सीधा असर नहर के पानी पर पड़ रहा है। रिवर वाटर फ्रंट का निर्माण होने से कूड़ा डालने के मामले में कमी आएगी। वहीं नालों का गंदा पानी सीधा नहर में नहीं जा पाएगा।
रिवर वाटर फ्रंट के लिए 10.35 करोड़ का काम आवंटित कर दिया गया। जल्द ही निर्माण शुरू करने के लिए शिलान्यास कराया जाएगा। इससे शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। । - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।