यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन की ओर से वीरवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को 12 फरवरी को प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में नोटिस सौंपा गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया और मांगों को शीघ्र पूरा करने की चेतावनी दी।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि हड़ताल के माध्यम से चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के जनवादी व ट्रेड यूनियन अधिकारों को मान्यता देने की मांग की जा रही है। उन्होंने आईसीडीएस को संस्थागत बनाने, पर्याप्त बुनियादी ढांचा, अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन और बच्चों के लिए मुफ्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इसके साथ ही अर्ली चाइल्ड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) को अधिकार का दर्जा देने के लिए कानून बनाने की मांग की गई। यूनियन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रेड-तीन व ग्रेड-चार सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने अथवा तब तक न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये और 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग उठाई। इस मौके पर जिला प्रधान सुनीता सुघ, जिला सचिव सुनीता करेड़ा, सीटू की जिला संयोजक शरबती, मिड डे मील प्रधान नीलम भट्टी, रिटायर कर्मचारी संघ के प्रधान जोत सिंह रावत, सीटू नेता विनोद त्यागी, रोशन लाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।