संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। बापा गांव में दो पक्षों के बीच रविवार को हुए विवाद में नया मोड़ आया। एक पक्ष ने सरपंच के प्रमाणपत्रों व गांव के विकास कार्यों को लेकर लगाई गई आरटीआई वापस न लगने को विवाद की वजह बताया था, वहीं अब दूसरे पक्ष ने गांव के प्रसिद्ध एवं प्राचीन मैदानेश्वर शिव मंदिर में अपना-अपना पुजारी नियुक्त करने को विवाद की वजह बताया। मंगलवार को गांव से पुलिस बल हटा लिया गया। अब भी दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति है।
गांव बापा निवासी सुखबीर सिंह, अरशद, भुला, साहब सिंह, जफ्फार राणा, आशु राणा, बलकार सिंह, बलजीत सिंह, सतनाम सिंह, गुरपाल सिंह, डॉ. सुखविंदर सिंह, रजविंदर कौर, मंजीत कौर, किरणजीत कौर, रंजीत कौर, रेहाना, लाडो, रूकसार, समशीदा, बानो आदि ने बताया कि गांव के मैदानेश्वर मंदिर में दशकों से पुजारी प्रीतम दास सेवा कार्य करता रहा। कुछ समय पहले प्रीतम दास का निधन हो गया।
इसके बाद आसपास के पांच गांवों के लोगों ने सर्वसम्मति से मंदिर में नए महंत की नियुक्ति की गई थी, लेकिन गांव के कुछ लोग किसी दूसरे व्यक्ति को मंदिर का पुजारी नियुक्त कराना चाहते थे। इसको लेकर विवाद हुआ है। मंदिर के पास चार से पांच एकड़ भूमि है। इस पर पुजारी प्रीतम दास खेती करता था। उसके निधन के बाद कुछ लोग उपरोक्त भूमि पर अपना पुजारी नियुक्त कर कब्जा करना चाहते थे।
रविवार को मंदिर के पुजारी की ओर से मंदिर की जमीन पर खड़ी धान की फसल की कटाई कराई जा रही थी। तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध करते हुए कटाई रुकवा दी। इसके बाद गांव के लोगों ने मिलकर धान की कटाई कराई और फसल को मंडी में पहुंचाया। इसके बाद गांव का रजत जब बस स्टैंड पर खड़ा था तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उस पर हमला कर उसे घायल कर दिया, वहीं नसीब सिंह व जगदीप पर भी लाठियों व डंडों से हमला किया गया।
उन्होंने कहा कि सरपंच परमजीत सिंह पम्मा व अन्य पर झूठा मामला दर्ज कराया गया है। उनकी मांग है कि पुलिस की ओर से मामले की जांच की जाए। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाए। सरपंच का झगड़े से कोई लेना देना नहीं है। सरपंच को रंजिशन झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। गांव में अब शांति होने के बाद पुलिस बल को मौके से हटा लिया गया है। गांव में भाईचारा कायम करने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। - इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, थाना प्रभारी रादौर।