संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल के नीकु वार्ड में डॉक्टरों ने 26 सप्ताह के प्री-मेच्योर बेबी (समय से पहले जन्म लेने वाला बच्चा) को जीवनदान दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब जिला अस्पताल में 26 सप्ताह के को बच्चे को भर्ती करके उसका उपचार किया गया। आमतौर पर ऐसे बच्चों को अस्पताल में भर्ती न करके उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जाता है।
मंगलवार को पूरी तरह से स्वस्थ बच्चे को जब अस्पताल से छुट्टी दी गई तो खुशी से उसकी मां सपना की आंखों से आंसू छलक पड़े। डॉक्टरों ने बच्चे के माता-पिता को कुछ जरूरी हिदायतें दी हैं। अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना कांबोज ने बताया कि प्रतापनगर के गांव बहादरपुर निवासी सपना गर्भवती थी। दो अप्रैल को उसकी जगाधरी के एक निजी अस्पताल में समय से पहले 26 सप्ताह में ही डिलीवरी हो गई।
तब उसके बेटे का जन्म केवल 900 ग्राम था। सपना व उसका पति गुरमीत सिंह दोनों बच्चे को अस्पताल में उनके पास लेकर आए। बच्चे की जांच करने पर पाया कि समय से पहले डिलीवरी होने से उसके फेफड़े भी विकसित नहीं हो पाए थे। सांस लेने में भी दिक्कत थी। आंखों की पुतली भी कमजोर थी। डॉक्टरों की तरफ से बच्चे को होने वाले संभावित खतरों के बारे में पहले ही उसके माता-पिता को बता दिया गया।
फेफड़ों को विकसित करने के लिए सर्फक्ट इंजेक्शन दिया गया। शनिवार को बच्चा 33 सप्ताह का हो गया। वह पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका वजन भी एक किलो 540 ग्राम हुआ। डॉ. सपना कांबोज, डॉ. जतिन मनोचा व डॉ. हरिंद्र संधू और एसएनसीयू के समस्त स्टाफ ने बच्चे के स्वास्थ्य पर नियमित निगरानी रखी।
डॉ. सपना कांबोज ने बताया कि जब बच्चा उनके पास आया तो उसके बचने की उम्मीद न के बराबर थी। इलाज के दौरान बच्चे को दौरा भी नहीं पड़ा। सर्फक्ट इंजेक्शन अस्पताल में पहली बार मंगवाया गया। नीकु वार्ड में बच्चे को रखा गया, जहां पर मां के अलावा किसी को भी बच्चे से मिलने नहीं दिया गया, क्योंकि ज्यादा लोगों के आने जाने से बच्चे को इंफेक्शन होने का खतरा रहता है।
ढाई साल की बहन को मिला भाई
बहादरपुर निवासी सपना के पास ढाई साल की बेटी है। उनके लिए यह बच्चा इसलिए भी खास है, क्योंकि बेटी के जन्म के बाद तीन बार सपना का गर्भपात हो चुका था। बार-बार ऐसा होने से पति-पत्नी दोनों परेशान थे। सपना ने बताया कि वह डॉक्टरों से लेकर सभी स्टाफ की आभारी है। आज वह बहुत खुश है कि बेटे को लेकर घर जा रही है। वह डॉक्टरों द्वारा बताई गई हिदायतों का पालन करेगी।