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आखिर कहां लापता हुई सीएमओ की टीम

Thu, 12 Sep 2013 05:38 AM IST
Yamuna Nagar
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यमुनानगर। वीना नगर कैंप में लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में ही नहीं, बल्कि इससे दहशत में भी हैं। हर दिन नए मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन न तो इस पर स्वास्थ्य विभाग नींद तोड़ने को तैयार है और न ही जिला प्रशासन। सिविल सर्जन डॉ. एमआर पासी क्षेत्र में टीम भेजने की बात कह रहे हैं, लेकिन लोगों का कहना है यहां पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई टीम नहीं पहुंची है। सैकड़ों लोग पीड़ित होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह जानने का प्रयास तक नहीं किया जा रहा है कि आखिर बुखार की वजह है क्या। कितने लोग इसकी चपेट में हैं। बुधवार को दो दर्जन के करीब नए मामले सामने आए हैं। लगातार संदिग्ध बुखार की चपेट में आ रहे लोगों को किसी अनहोनी का डर सताने लगा है।
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कहां गई टीम
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की ओर शाम तक टीम भेजने की बात कही गई थी, लेकिन बुधवार शाम छह बजे तक क्षेत्र में कोई भी डॉक्टर की टीम नहीं पहुंची। समय रहते क्षेत्र में टीम न पहुंचने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बीमार लोग ठीक होने के बजाय कई अन्य लोग भी बुखार की चपेट में आ रहे हैं।

नहीं कोई सरकारी अस्पताल
कैंप में 30 हजार के करीब आबादी है, लेकिन यहां पर कोई भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। सिविल अस्पताल कैंप से आठ किलोमीटर के करीब पड़ता है। सरकारी अस्पताल ज्यादा दूर होने से लोग आसपास के छोटे-छोटे डॉक्टरों से ही दवा ले रहे हैं। बीमारी की सही दवा न मिलने से मरीज की हालत ज्यादा खराब होती जा रही है। क्षेत्र में कई परिवारों में से तो दो से तीन लोग बुखार की चपेट में हैं। यहां पर कुछ मरीज निजी अस्पतालों में महंगे खर्च पर इलाज कराने को मजबूर हैं।
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ये मिले नए मामले
बुधवार को कैंप की विभिन्न कॉलोनियों में संदिग्ध बुखार के नए मामले सामने आए हैं। इसमें रुही, ज्योति, शिवम, चिराग, एकांत, धर्मपाल, प्रिया, रवेसना, पारुल, बबली, मनोज, सुखराम, वंश, सुधा व तसलीमा संदिग्ध बुखार से पीड़ित है। इसमें से कुछ मरीज तो निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।

गंदगी हो सकती है बड़ी वजह
जम्मू कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, गड्ढा कॉलोनी, जैन कॉलोनी व अन्य कई कॉलोनियों में गंदगी की भरमार है। कॉलोनियों की स्थिति देख लगता है कि बीमारी की बड़ी वजह गंदगी हो सकती है। जम्मू कॉलोनी में पानी की निकासी का पुख्ता प्रबंध नहीं है। यहां की पार्षद निर्मला चौहान का कहना है कि जब से पार्षद बनी हूं अधिकारियों के चक्कर लगा रही हूं। गंदे पानी की निकासी न होने से पानी खाली प्लाटों में खड़ा रहता है। इससे यहां पर मच्छरों की भरमार है। यहां पर सरकारी अस्पताल खुलवाने को लेकर डीसी व सीएमओ को मांग पत्र भी दिया गया है, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हो रहा है।
कोट
डीसी मंदीप सिंह बराड़ का कहना है कि मेरे पास इस बारे में सूचना आई थी, सीएमओ की ओर फॉगिंग कराने की बात कही गई थी। अगर फिर भी कहीं कोई ज्यादा दिक्कत है, तो दोबारा से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को टीम भेजने को कहा जाएगा।
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सीधी बात- डॉ. एमआर पासी, सीएमओ
सवाल : कैंप में लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं वहां पर कोई टीम नहीं पहुंची?
जवाब : टीम भेजी गई है, फॉगिंग कराई गई है।
सवाल: लोग कह रहे हैं यहां पर अब तक कोई टीम नहीं आई?
जवाब : ऐसा नहीं है मेरी ओर से टीम भेजी गई थी।
सवाल : अब दोबारा टीम कब जाएगी?
जवाब : मैं अभी पता कर टीम भेजता हूं।
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