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नदी की पटरी टूटी, गांव में घुसा पानी

Fri, 02 Aug 2013 05:35 AM IST
Yamuna Nagar
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छछरौली। पहाड़ों में हुई तेज बारिश ने क्षेत्र के टिब्बड़ियों गांव से गुजर रही बरसाती नदी की पटरी को तोड़ दिया। पटरी टूटने से गांव में पानी घुस गया। सारी रात ग्रामीण मकानों की छतों पर बैठे रहे। सिंचाई विभाग ने यहां तत्काल जेसीबी लगाकर कट्टे लगाने का काम शुरू कर दिया है। गांव में जाने वाले रास्तों में अभी भी पानी भरा है। बाढ़ का जायजा लेने के लिए तहसीलदार, बीडीपीओ और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दौरा किया।
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शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसे गांव टिब्बड़ियों में बुधवार रात लगभग 10 बजे बरसाती नदी में उफान आने से गांव में बनी सुरक्षा पटरी धवस्त हो गई। पटरी टूटने से गांव वालों का आना-जाना भी बंद हो गया। ग्रामीण ताज मोहम्मद, दिलशाद, नसीम, ईशफाक, पंच लाहुदीन,पंच सारदीन, पूर्व सरपंच दुल्ला, पूर्व सरपंच रहमदीन, अनवर, टीटू व लियाकत का कहना है कि उनके गांव में तीन साल पहले आई बाढ़ ने भी पटरी को क्षतिग्रस्त कर दिया था। उस समय प्रशासन ने जैसे-तैसे पटरी की मरम्मत करा दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने तीन साल में गांव की सुध नहीं ली। अगर प्रशासन चाहता तो यहां पटरी को पक्का किया जा सकता था।

रात को ग्रामीणों ने खुद चलाई जेसीबी
रात को नदी के उफान पर आने से पटरी टूट जाने के बाद ग्रामीणों ने जहां प्रशासन को सूचित किया, वहीं अपने रिश्तेदारों की दो जेसीबी मशीन मंगा कर अस्थायी तौर पर पटरी बांधने का काम किया। कुछ घंटे बाद जल स्तर बढ़ जाने के कारण वह मिट्टी भी पानी के साथ बह गई। इससे ग्रामीणों की सारी मेहनत पर पानी फिर गया। ग्रामीण का कहना है कि पहाड़ों की तलहटी में होने से यहां हर रोज पहाड़ों में हुई बारिश का पानी उनके लिए नुकसान का कारण बनता है।
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गांव में जाने वाले रास्ते बंद
नागलपट्टी पंचायत के तहत आने वाले गांव टिब्बड़ियों में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों में पानी बह रहा है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हलके वाहन पानी के तेज बहाव में नहीं चल पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे में अगर कोई बीमार हो जाए तो वह मरीज को अस्पताल तक नहीं ले जा सकते।

सिंचाई विभाग ने संभाली कमान
पटरी को बांधने के लिए सिंचाई विभाग ने तत्काल यहां बचाव कार्य शुरू कर दिए। विभाग ने यहां जेसीबी मशीन की मदद से पहले पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए एक नया बहाव तैयार किया। इससे पानी की रफ्तार कम की जा सकी। उसके बाद विभाग ने यहां मिट्टी के कट्टे लगाने के लिए लेबर लगा दी है। इससे पटरी में और अधिक कटाव न हो। ग्रामीण बताते हैं कि सिंचाई विभाग द्वारा तत्काल कमान संभालने के कारण यहां ज्यादा नुकसान नहीं हो सका।

सूचना मिलते ही राहत कार्यों में लग गए
सिंचाई विभाग के एसडीओ मणीराम का कहना है कि उन्हें सूचना मिलते ही टिब्बड़ियों गांव में ठेकेदार को तैनात कर दिया था। बाढ़ से बचाने के लिए मिट्टी के बैग भरे जा रहे हैं, ताकि उन्हें क्रेट में भरा जा सके। इससे भूमि में कटाव काफी हद तक कम हो जाएगा। ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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