यमुनानगर। इस बार बिजली कटों के साथ-साथ बिलों से भी पसीने छुड़ाएगी। एक अप्रैल से बिजली की दरों में बढ़ोतरी हो गई। घरेलू प्रयोग की बिजली में जहां लगभग 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, वहीं व्यावसायिक क्षेत्र में 25 प्रतिशत तक बिजली की दरों में वृद्धि की गई है। पहले ही महंगाई की मार झेल रहे आम व्यक्ति पर तो इसका प्रभाव पड़ेगा ही, वहीं टैक्सों की मार झेल रहे उद्योगपतियों को भी इसका झटका लगेगा। विभाग द्वारा घोषित नई बिजली की दरें एक अप्रैल से लागू हो गई है। इसका परिणाम उपभोक्ताओं को अगले माह आने वाले बिल में दिखाई पड़ेगा।
गर्मी के बढ़ने के साथ-साथ बिजली की खपत भी बढ़ जाती है। बिजली दरें बढ़ने से आम व्यक्ति की जेब पर प्रभाव पड़ेगा, वहीं किसानों, उद्योगपति और अन्य लोगों पर काफी असर पडे़गा। डीजल के दाम हर माह बढ़ने से किसानों का खेती करना बहुत मुश्किल हो गया है। गर्मी के सीजन में किसानों को धान रोपण करने और अन्य फसलों में सबसे अधिक पानी की जरूरत होती है। जिले में अधिकतर किसान बिजली की मोटर से चलित ट्यूबवेल या डीजल इंजन पर चलने वाले ट्यूबवेल का प्रयोग करते हैं। लेकिन इस वक्त डीजल के दाम भी पेट्रोल के दामों के नजदीक पहुंचे गए हैं, वहीं बिजली के दामों में भी बढ़ोतरी हो गई है। यही हाल उद्योगपतियों और फैक्टरी संचालकों का है। जिले में सभी फैक्टरियों बिजली पर ही निर्भर है। गर्मी शुरू होते ही बिजली के कटों से परेशान होकर फैक्टरी संचालक जेनरेटर का प्रयोग करेंगे, जिसमें में डीजल का प्रयोग होता है। अब डीजल और बिजली दोनों ही बहुत मंहगे होने से उत्पाद बनाना भी ओर महंगा हो जाएगा।
ये हैं नई दरे
बिजली उपभोक्त ाओं द्वारा 0-40 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर अब 2 रुपये 98 पैसे प्रति यूनिट देने पड़ेंगे। 40-100 यूनिट पर 4 रुपये 75 पैसे, 101-250 यूनिट पर 4 रुपये 94 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से देने होंगे। इसके अलावा इसके अलावा 251 से 800 यूनिट होने पर बिजली उपभोक्ताओं को 5.98 रुपये देने होंगे।
आम आदमी की जेब पर डाका
इंडियन यूथ आर्गेनाइजेशन के प्रधान रविंद्र वागले का कहना है कि सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर आम आदमी की जेब पर डाका मारा है। बिजली की दरें बढ़ने से सबसे अधिक दिक्कत आम व्यक्ति को होगी।
- शुगर मिल के सदस्य पंकज मलिक का कहना है कि बिजली की बढ़ी हुई दरों से मिलों पर विपरीत असर पड़ेगा। मिल का डेढ़ से दो लाख रुपये अतिरिक्त बिल आएगा। इससे मिल में लागत बढ़ेगी, वहीं उत्पाद मंहगा होगा।
हरियाणा उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र मित्तल का कहना है कि उद्योग और व्यापार को चलाने में बिजली का अहम योगदान है। लेकिन सरकार ने बिजली निगम और सरकार को हो रहे नुकसान का बोझ बिजली उपभोक्ताओं पर डाल दिया है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव विजय मेहता का कहना है कि एक ओर सरकार ने डीजल के दाम बढ़ाकर किसानाें की कमर पहले ही तोड़ दी है, वहीं अब रही सही कसर बिजली के दाम बढ़ाकर पूरी कर दी। किसानाें को पहले ही अपनी फसल का लागत मूल्य नहीं मिलता अब बिजली और डीजल के दाम बढ़ाकर सरकार ने फसल पर लगने वाली लागत में ओर बढ़ोतरी कर दी है।