अंबाला। प्रशासन और शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही के कारण जिले के 58 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता इस शैक्षणिक सत्र में फिर से लटक गई है। शिक्षा निदेशालय द्वारा इन गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को चलाने के लिए मिला एक साल का एक्टेंशन पीरियड भी 31 मार्च को खत्म हो गया है। इन स्कूलों में तकरीबन 30 हजार से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
यह था मामला...
जिले के 100 प्राइवेट स्कूलों ने तकरीबन तीन साल पूर्व हरियाणा शिक्षा नियमावली के तहत स्थायी मान्यता के लिए आवेदन किया था। इसमें से सभी स्कूलों में से अब तक केवल 42 स्कूलों को ही मान्यता मिले। शेष 58 स्कूलों ने निदेशालय के बाद अपनी अपील डालते हुए मान्यता संबंधी तमाम शर्त पूरी करने का दावा किया। इस अपील पर शिक्षा निदेशायल हरियाणा ने इन स्कूलों को चलने के लिए एक साल का एक्सटेंशन दे दिया और इन स्कूलों का दोबारा सर्वे के लिए अंबाला डीसी की अध्यक्षता वाली एक विशेष कमेटी गठित कर दी। जिसमें एडीसी अंबाला, जिला शिक्षा अधिकारी अंबाला, खंड शिक्षा अधिकारी अंबाला व अन्य अफसर शामिल किए गए।
विशेष टीम नहीं कर पाई स्कूलों का सर्वे
प्राइवेट स्कूलों को एक्सटेंशन में दिए गए एक शैक्षणिक सत्र के भीतर इस विशेष टीम को प्राइवेट स्कूलों का सर्वे करके अपनी सर्वे रिपोर्ट शिक्षा निदेशायल को भेजनी थी। हैरत की बात यह कि पूरा साल इस विशेष टीम के अफसरों को इन स्कूलों का दौरा करने का वक्त ही नहीं मिला। पूरे साल में एडीसी व अन्य अफसरों ने केवल 3 स्कूलों का ही दौरा किया।
काम में उलझ गए ‘रंगरूट र्क्लक’
इस शैक्षणिक सत्र में प्राइवेट स्कूलों की मान्यता से संबंधित एक अहम सर्वे करने से अफसरों की विशेष टीम चूक गई। इसके लिए न केवल अफसरों की ढुलमुल कार्यप्रणाली, बल्कि अचानक शिक्षा विभाग का पूरा लिपिकीय स्टाफ का बदलना भी काफी हद तक जिम्मेदार रहा। जो अनुभवी स्टाफ शिक्षा विभाग का काम देख रहा था, उन सभी को हटाकर अंबाला में शिक्षा विभाग ने नए ‘रंगरूट र्क्लक’ लगा दिए गए। ये नए र्क्लक शिक्षा विभाग के तकनीकी कामों व फाइलों में ही उलझ गए। अभी तक ये नया स्टाफ शिक्षा विभाग के पूरे काम को ठीक प्रकार से समझ नहीं पाया है। जिस वजह से ये काम भी लटका ही रह गया।
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व्यस्तता की वजह से अफसरों की टीम सर्वे नहीं कर पाई है। पिछले दिनों क्लोजिंग वगैरह में स्टाफ उलझा रहा। अफसरों से जल्द ही वक्त लेकर मान्यता वाले सभी आवेदक स्कूलों के केस निपटाए जाएंगे। सभी स्कूलों में एक विशेष टीम ने सर्वे करके अपनी रिपोर्ट बनानी है।
-अनिल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला-