यमुनानगर। बुड़िया स्थित पंजाब नेशनल बैंक में शुक्रवार रात चोर बैंक की खिड़की की ग्रिल काटकर भीतर घुसे और एटीएम को तोड़ दिया। लेकिन उसमें से नकदी नहीं निकाल पाए। चौकीदार और पुलिस की मुस्तैदी से चोर नकदी लूटने में कामयाब नहीं हो पाए।
बुड़िया इलाके का चौकीदार राजेंद्र प्रसाद रात को गश्त कर रहा था। राजेंद्र ने बताया कि करीब 2 बजे उसने बैंक की ओर से लोहे पर हथौड़ा मारने की आवाज सुनाई दी। वह बैंक की ओर पहुंचा तो उसे बैंक के बाहर एक युवक खड़ा दिखाई दिया। चौकीदार ने उसे रात के वक्त वहां खड़े होने के बारे में पूछा तो युवक ने जवाब दिया कि वह शौच के लिए आया था। चौकीदार की नजर बैंक की ओर गई तो उसे बैंक के कमरों में लाइट जलती नजर आई। चौकीदार को शक हुआ। लेकिन वह चुपचाप आगे बढ़ गया। कुछ दूर जाने के बाद वह गलियों से होता हुआ बुड़िया थाने पहुंच गया। उसने पुलिस को सारी बात बताई। बुड़िया एसएचओ सचिन पुलिस कर्मियों और चौकीदार को साथ लेकर तुरंत बैंक में पहुंच गए। पुलिस की गाड़ी को आता देखकर बैंक के बाहर खड़ा युवक वहां से भाग खड़ा हुआ। पुलिस कर्मियों ने तुरंत बैंक के चारों तरफ घेरा डाल दिया और चौकीदार राजेंद्र प्रसाद को बैंक परिसर में भेजा। भीतर एक खिड़की पर लगी लोहे की ग्रिल कटी नजर आई। बुड़िया एसएचओ सचिन ने बताया कि पुलिस के वाहन की आवाज सुनकर बैंक के भीतर मौजूद चोर भागने में कामयाब रहे। क्लोज सर्किट कैमरे की फुटेज चेक की जा रही है। जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बैंक के भीतर घुसे चोरों ने भीतर लगे एटीएम को तोड़ दिया। लेकिन नकदी नहीं निकाल पाए। यदि पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो चोर एटीएम की नकदी निकालने में सफल हो जाते। चोर बैंक के स्ट्रांग रूम की ओर नहीं गए। हालांकि उन्होंने कैशियर रूम और अलमारियों को खंगाला। चोर जहां से ग्रिल काटकर भीतर घुसे, उसके समीप काटी गई ग्रिल और लोहा काटने की आरी मिली है। वारदात के बाद फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने वहां आकर चोरों का सुराग लगाने का प्रयास किया।
बैंकों की सुरक्षा पर लगा सवालिया निशान
पंजाब नेशनल बैंक में हुई वारदात से एक बार फिर बैंकों की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। इस बैंक में भी सुरक्षा बंदोबस्त की अनदेखी सामने आई है। बैंक के तीन तरफ गैलरी और चहारदीवारी है। बैंक की बिल्डिंग में 10 चौड़ी खिड़कियां और 12 रोशनदान हैं। इन पर लगी लोहे की ग्रिल को आसानी से काटा जा सकता है। चोर इसी खिड़की में लगी ग्रिल को काटकर भीतर घुसे।
स्ट्रांग रूम को अभेद्य मान रहे अधिकारी
बैंक के भीतर स्ट्रांग रूम में बने लॉकरों में ग्राहकों की लाखों-करोड़ों की जमापूंजी रखी है। चोरों के स्ट्रांग रूम तक न पहुंचने पर बैंक अधिकारी यह कहकर खुद ही अपनी पीठ थपथपाते रहे हैं कि स्ट्रांग रूम काफी मजबूत है और चोर इसे तोड़ नहीं पाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि स्ट्रांग रूम की दीवारें मजबूत कंक्रीट की बनी है। स्ट्रांग रूम में सायरन भी लगा है। लगभग सभी बैंकों के स्ट्रांग रूम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार ही बने होते हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे-73 पर संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल के बगल में स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक में 14 नवंबर को चोरों ने स्ट्रांग रूम में सेंध लगाकर लॉकरों में रखे करीब एक करोड़ रुपये के जेवरात चोरी कर लिए थे। 19 जनवरी को जालंधर के पंजाब एंड सिंध बैंक में चोर बैंक के स्ट्रांग रूम को कटर से काटकर लाकरों में रखी करोड़ों रुपये की नकदी और जेवरात चोरी कर ले गए थे। इन दोनों वारदात के बाद बैंकों के स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जा सकते। थाना बुड़िया एसएचओ ने बताया कि बैंक का मुआयना करने पर यहां कई खामियां पाई गईं। बैंक की खिड़कियों की ग्रिल इतनी कमजोर है कि इसे कुछ मिनटों में काटा जा सकता है। यहां खिड़कियां और रोशनदान काफी हैं, जो बैंक की सुरक्षा के लिहाज से गलत है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कुछ देर बैंक में न पहुंचती तो चोर एटीएम को तोड़कर नकदी निकाल लेते।
अमर उजाला ने किया था आगाह
अमर उजाला ने 19 जनवरी को रात में शहर के बैंकों का जायजा लिया तो कई बैंकों में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी पाए गए थे। बुड़िया के इसी पंजाब नेशनल बैंक का मुख्य गेट रात को खुला पाया गया और बैंक के भीतर कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं था। अमर उजाला ने बैंक की ग्रिल के कमजोर होने की बात प्रमुखता से उजागर की थी। बता दें कि पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकरों में चोरी होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने सभी बैंकों की सुरक्षा के मद्देनजर रात में सिक्योरिटी गार्ड रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद अब तक बैंकों में रात को सिक्योरिटी गार्ड नहीं लगाए गए हैं।
गार्ड रखने के लिए की जा रही कार्रवाई
लीड बैंक मैनेजर (पंजाब नेशनल बैंक) वीके जुल्का का कहना है कि जिले के सभी बैंकों के अधिकारियों को रात को सिक्योरिटी गार्ड रखने के लिए कहा गया है। सिक्योरिटी गार्ड रखने का फैसला बैंकों के उच्च अधिकारियों का होता है। किसी भी बैंक में रात को सिक्योरिटी गार्ड रखने का प्रावधान नहीं है। पंजाब एंड सिंध बैंक में चोरी के बाद जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिक्योरिटी गार्ड रखने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। बैंक में अनुभवी सिक्योरिटी गार्ड रखने पर ही बैंक सुरक्षित रह पाएंगे। इसके लिए पूर्व सैनिकों को रखने पर विचार किया जा रहा है।