संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अब तक जिले की मंडियों में 88,112 मीट्रिक टन (एमटी) धान की आवक हो चुकी है। वीरवार को ही 8,467 मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा। इसके मुकाबले अब तक 49,342 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है, लेकिन उठान महज 574 मीट्रिक टन का हो पाया है। यानी खरीदे गए धान का सिर्फ करीब 1.16 प्रतिशत ही मंडियों से उठाया गया है।
मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ने के कारण जगह की समस्या पैदा होने लगी है। मंडियों में चारों तरफ धान के ढेर दिखाई दे रहे हैं। किसानों को धान सुखाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही। इससे मंडी व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
जिले में देर रात से ही मौसम खराब बना हुआ है। आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की आशंका के बीच किसान जल्द से जल्द धान की कटाई कर फसल मंडी में पहुंचाना चाहते हैं। किसानों को डर है कि यदि खेत में फसल खड़ी रही और मौसम बिगड़ा तो नुकसान हो सकता है। वहीं मंडियों में खुले में पड़ी फसल के भीगने का खतरा भी बना हुआ है।
किसान जयपाल, मनदीप सिंह और हरपाल ने बताया कि मंडियों से धान का उठान लगभग नहीं हो रहा है। रोजाना बड़ी मात्रा में धान मंडियों में पहुंच रहा है, लेकिन उठान नहीं होने के कारण फसल के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान सुखाने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है।
खरीद बढ़ी, उठान की रफ्तार बेहद कम
अब तक जिले की मंडियों में 49,342 एमटी धान की खरीद हो चुकी है। किसानों का कहना है कि यदि खरीद के साथ उठान की व्यवस्था भी तेज नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। कटाई का काम तेजी से चलने के कारण मंडियों में आवक और बढ़ने की संभावना है।
किसानों ने प्रशासन और संबंधित खरीद एजेंसियों से धान का उठान तेजी से कराने की मांग की है, ताकि मंडियों में जगह खाली हो और नई फसल लेकर आने वाले किसानों को परेशानी न हो। साथ ही खराब मौसम को देखते हुए खुले में रखे धान की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम करने की मांग की गई है। डीएफएससी नितिश सिंगला का कहना है कि मंडियों से उठान किया जा रहा है। जल्द ही इसमें तेजी आ जाएगी।
जगाधरी अनाज मंडी में सड़क पर धान को सुखाते प्रवासी मजदूर। संवाद