अनाजमंडी स्थित पटवारखाना कार्यालय पर लगा ताला। संवाद
जगाधरी। डीसीएस, संसाधनों की कमी और पोर्टल की खामियों को लेकर जिले के पटवारी दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। वीरवार को हड़ताल का पहला दिन रहा। पटवारियों की हड़ताल दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की ओर से बुलाई गई है। इस दौरान जिले के सभी 92 सर्कल के 88 पटवारी हड़ताल पर रहे। पटवारियों के हड़ताल पर जाने के कारण डीसीएस, गिरदावरी, डोमिसाइल, नक्शा, इंतकाल, जमाबंदी, फर्द, कोर्ट संबंधी सहित अन्य काम प्रभावित रहे। हालांकि लोगों को पटवारियों की हड़ताल की जानकारी थी, ऐसे में बहुत कम लोग ही कार्यालय पहुंचे। परंतु जो लोग आए उन्हें निराश लौटना पड़ा।
दिनभर पटवारखानों पर ताले लटके रहे और लोग आकर निराश लौटते चले गए। सबसे ज्यादा परेशानी डोमिसाइल बनाने वाले लोगों को हुई। चूंकि इन दिनों कॉलेज व शिक्षण संस्थानों में एडमिशन चल रहे हैं और लोगों को प्रमाण पत्रों की आवश्यकता है। पटवारियों के हड़ताल पर चले जाने से लोगों को दिक्कत हुई। अब लोगों के पटवारियों से संबंधित काम सोमवार को हो पाएंगे। चूंकि दो दिन पटवारी हड़ताल पर रहेंगे और दो दिन साप्ताहिक अवकाश होगा। ऐसे में सोमवार को पटवारखाने खुलेंगे।
वीरवार को हड़ताल का नेतृत्व एसोसिएशन के जिला प्रधान रामफल गुर्जर ने किया। इस दौरान पटवारियों ने अनाजमंडी में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान रामफल, अभिषेक, अवतार सिंह ने बताया कि सरकार के पोर्टल के कारण पटवारियों के साथ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ही काम के दो से तीन पोर्टल चलाए जा रहे हैं। पोर्टल सही से काम नहीं कर रहे हैं, जिसमें काफी समय लगाता है। इससे लोगों के काम लंबित रहते हैं। इसके साथ डीसीएस पोर्टल सही नहीं है। इस पोर्टल पर काम करने के दौरान कई तरह की दिक्कत आ रही हैं। वहीं, इसमें तकनीकी खामियां भी हैं। ऐसे में सही तरीके से काम नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा पटवारियों के पास संसाधनों की कमी है। इन्हीं मांगों को लेकर एसोसिएशन की ओर से दो दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई है। यदि शुक्रवार शाम तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है तो सोमवार से पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इस दौरान सतीश मालिक, सलीम खान, संजय कुमार, राजीव हुसैन, अभिषेक कुमार, मनीष, देवी चंद सभी पटवारी उपस्थित रहे।
आए थे नक्शा लेने
गांव गोलनी निवासी कमल ने बताया कि वह मकान के नक्शे का काम लेकर आए थे। उन्हें हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। यहां आने पर पता चला कि पटवारी दो दिन की हड़ताल पर हैं। ऐसे में 25 किलोमीटर दूर से आना उनका बेकार हो गया। अब बिना काम के लौटना पड़ रहा है। इसके लिए काम से छुट्टी ली थी, अब दोबारा आना पड़ेगा।
डोमिसाइल था बनवाना
शहर निवासी लक्ष्य ने बताया कि पटवारियों की हड़ताल की कोई जानकारी थी। वह डोमिसाइल बनवाने के लिए आए थे। परंतु यहां आकर पता चला कि पटवारी दो दिन की हड़ताल पर हैं। ऐसे में शुक्रवार को काम नहीं होगा। डोमिसाइल के लिए अब सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। इससे उनके समय का काफी नुकसान हुआ है। संवाद
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अनाजमंडी स्थित पटवारखाना कार्यालय पर लगा ताला। संवाद